<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Divya India News</title>
	<atom:link href="https://divyaindianews.com/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://divyaindianews.com/</link>
	<description>Latest Hindi News &#38; Information Portal</description>
	<lastBuildDate>Sun, 21 Jun 2026 11:12:23 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://divyaindianews.com/wp-content/uploads/2022/05/cropped-Screenshot-2022-05-23-115018-32x32.jpg</url>
	<title>Divya India News</title>
	<link>https://divyaindianews.com/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ शाखा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित</title>
		<link>https://divyaindianews.com/News_id/42572</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divya India News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:12:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[टॉप न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[IMA]]></category>
		<category><![CDATA[IMA Lucknow]]></category>
		<category><![CDATA[IMA Lucknow news]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Medical Association]]></category>
		<category><![CDATA[Indian medical association lucknow]]></category>
		<category><![CDATA[international yoga day]]></category>
		<category><![CDATA[Yoga Day]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://divyaindianews.com/?p=42572</guid>

					<description><![CDATA[<p>“स्वस्थ चिकित्सक, स्वस्थ समाज”: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आईएमए लखनऊ का सामूहिक योगाभ्यास लखनऊ&#160;।&#160;अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ शाखा द्वारा आईएमए भवन, लखनऊ में योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईएमए लखनऊ के चिकित्सकों एवं सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर प्रयाग आरोग्यम् केंद्र, योग प्रशिक्षण &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42572">इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ शाखा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h2 class="wp-block-heading"><strong>“स्वस्थ चिकित्सक, स्वस्थ समाज”: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आईएमए लखनऊ का सामूहिक योगाभ्यास</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>लखनऊ</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>।</strong>&nbsp;अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ शाखा द्वारा आईएमए भवन, लखनऊ में योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईएमए लखनऊ के चिकित्सकों एवं सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस अवसर पर प्रयाग आरोग्यम् केंद्र, योग प्रशिक्षण एवं योगाभ्यास केंद्र, की योग गुरु ज्योति यादव जी ने सभी प्रतिभागियों को लगभग एक घंटे तक योगाभ्यास कराया। उन्होंने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अभ्यास करवाए। साथ ही उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ जीवनशैली, तनाव नियंत्रण और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम में मुख्य रूप से आईएमए लखनऊ की सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष डॉ. रुक्साना मैम, डॉ. नीरज टंडन, डॉ. सरस्वती, डॉ. शाश्वत सक्सेना, डॉ. निरुपमा सहित कई अन्य चिकित्सकों एवं सदस्यों ने सहभागिता की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस अवसर पर आईएमए लखनऊ की सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की निरंतर प्रक्रिया है। आज के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में चिकित्सकों के लिए भी योग अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ चिकित्सक ही समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और सही प्रेरणा दे सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान से शरीर स्वस्थ रहता है, मन शांत होता है और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। आईएमए लखनऊ का उद्देश्य है कि चिकित्सक स्वयं स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और समाज को भी योग, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या के लिए प्रेरित करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने योग गुरु ज्योति यादव जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में सभी प्रतिभागियों ने सरल और उपयोगी योगाभ्यास किया। उन्होंने सभी चिकित्सकों और सदस्यों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आईएमए लखनऊ शाखा ने इस अवसर पर संदेश दिया कि चिकित्सक समाज को स्वस्थ रहने की प्रेरणा देने के साथ-साथ स्वयं भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42572">इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ शाखा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास अवध प्रांत की प्रांतीय बैठक संपन्न।</title>
		<link>https://divyaindianews.com/News_id/42569</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divya India News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:08:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://divyaindianews.com/?p=42569</guid>

					<description><![CDATA[<p>2 जुलाई को भारतीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाएगा न्यास का स्थापना दिवस। &#160;लखनऊ, 20 जून 2026&#160;: शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, अवध प्रांत की प्रांतीय बैठक का आयोजन आज ज्ञान गुरुकुलम परिसर, इंसाफ नगर, इंदिरा नगर, लखनऊ में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं वैदिक ऋचाओं &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42569">शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास अवध प्रांत की प्रांतीय बैठक संपन्न।</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>2 जुलाई को भारतीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाएगा न्यास का स्थापना दिवस।</strong></li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>&nbsp;</strong><strong>लखनऊ, 20 जून 2026</strong>&nbsp;: शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, अवध प्रांत की प्रांतीय बैठक का आयोजन आज ज्ञान गुरुकुलम परिसर, इंसाफ नगर, इंदिरा नगर, लखनऊ में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं वैदिक ऋचाओं के उच्चारण के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संगीता जी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री ज्ञान पाण्डेय ने प्रस्तुत किया। कल्याण मंत्र के साथ बैठक का समापन हुआ।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बैठक को संबोधित करते हुए &nbsp;<strong>अवध प्रांत संयोजक श्री प्रमिल द्विवेदी</strong>&nbsp;&nbsp;ने विभिन्न जनपदों से पधारे कार्यकर्ताओं का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रख्यात शिक्षाविद् मा. अतुल कोठारी जी के मार्गदर्शन में 29 से 31 मई 2026 तक पुणे स्थित श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी (एस.एन.डी.टी.) महिला विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय प्रांत संयोजक बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में देशभर के प्रांतों में संगठनात्मक बैठकों एवं प्रेस वार्ताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में अवध प्रांत की यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि &#8220;विकसित भारत @2047 हेतु शिक्षा&#8221; के संकल्प को साकार करने के लिए न्यास द्वारा पंचकोष आधारित चरित्र निर्माण, भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषा मंच तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 जैसे विषयों पर व्यापक कार्य किया जा रहा है। इन विषयों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने की आवश्यकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">श्री द्विवेदी ने संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में कहा कि समाज जीवन में पंच परिवर्तन(सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य) के विचार को व्यवहार में उतारना समय की मांग है। उन्होंने संगठन की कार्यपद्धति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि &#8220;कार्यकर्ता विद्वान बने और विद्वान कार्यकर्ता बने&#8221;— यही न्यास की मूल भावना है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के समग्र विकास के लिए जीवन की आध्यात्मिक दृष्टि का विकास आवश्यक है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का स्थापना दिवस आगामी 2 जुलाई को &#8220;भारतीय शिक्षा दिवस&#8221; के रूप में पूरे अवध प्रांत में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर भारतीय शिक्षा की गौरवशाली परंपरा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, भारतीय भाषाओं के संवर्धन तथा मूल्यपरक शिक्षा के प्रसार को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बैठक में अवध प्रांत के सह संयोजक डॉ कीर्ति विक्रम सिंह उपस्थित रहे तथा विभिन्न जनपदों से आए कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों की जानकारी दी तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन विस्तार, भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार तथा समाज में शिक्षा के भारतीय दृष्टिकोण को स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>&nbsp;</strong><strong>न्यास का परिचय:</strong><strong>&nbsp;</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास शिक्षा एवं संस्कृति के क्षेत्र में कार्यरत एक राष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 2007 में हुई। न्यास का उद्देश्य भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था का निर्माण तथा शिक्षा के भारतीयकरण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">न्यास के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का समग्र विकास, मूल्यपरक शिक्षा, वैदिक गणित, पर्यावरण शिक्षा, शिक्षा में स्वायत्तता, प्रबंधन शिक्षा, इतिहास की भारतीय दृष्टि, तकनीकी शिक्षा एवं शिक्षक शिक्षा प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त प्रतियोगी परीक्षा एवं शोध प्रकल्प, भारतीय भाषा अभियान, भारतीय भाषा मंच, शिक्षा स्वास्थ्य न्यास, प्रकाशन, प्रचार-प्रसार तथा महिला कार्य जैसे विविध आयामों एवं विभागों के माध्यम से न्यास देशभर में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42569">शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास अवध प्रांत की प्रांतीय बैठक संपन्न।</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आरबीआई एमपीसी की नीति पर टिप्पणी &#8211; साक्षी गुप्ता, प्रधान अर्थशास्त्री, एचडीएफसी बैंक</title>
		<link>https://divyaindianews.com/News_id/42566</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divya India News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jun 2026 09:32:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टॉप न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[बिजनेस]]></category>
		<category><![CDATA[HDFC BANK]]></category>
		<category><![CDATA[hdfc bank latest news]]></category>
		<category><![CDATA[hdfc bank news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://divyaindianews.com/?p=42566</guid>

					<description><![CDATA[<p>आरबीआई और सरकार ने आज रुपये पर दबाव कम करने के लिए भारतीय परिसंपत्तियों में पूंजी प्रवाह को बढ़ाने की दिशा में किए गए समन्वित प्रयास को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।&#160;इन उपायों में अल्पकालिक समाधानों के साथ-साथ व्यापक संरचनात्मक सुधार भी शामिल थे,&#160;जैसे कि जी-सेक में एफपीआई निवेश पर कराधान में परिवर्तन।&#160;इन सभी के संयुक्त प्रभाव &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42566">आरबीआई एमपीसी की नीति पर टिप्पणी &#8211; साक्षी गुप्ता, प्रधान अर्थशास्त्री, एचडीएफसी बैंक</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">आरबीआई और सरकार ने आज रुपये पर दबाव कम करने के लिए भारतीय परिसंपत्तियों में पूंजी प्रवाह को बढ़ाने की दिशा में किए गए समन्वित प्रयास को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।&nbsp;इन उपायों में अल्पकालिक समाधानों के साथ-साथ व्यापक संरचनात्मक सुधार भी शामिल थे,&nbsp;जैसे कि जी-सेक में एफपीआई निवेश पर कराधान में परिवर्तन।&nbsp;इन सभी के संयुक्त प्रभाव से वित्त वर्ष&nbsp;2027&nbsp;के लिए अनुमानित&nbsp;40-50&nbsp;अरब डॉलर के भुगतान संतुलन के अंतर को पाटने में मदद मिल सकती है।&nbsp;हमें आने वाले महीनों में रुपये के मूल्य में वृद्धि की संभावना दिख रही है क्योंकि इन उपायों के कारण वास्तविक धन प्रवाह धीरे-धीरे शुरू हो जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस नीतिगत घोषणा में विकास और मुद्रास्फीति के आकलन भी उल्लेखनीय थे।&nbsp;केंद्रीय बैंक ने आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और मूल्य दबाव में वृद्धि के कारण विकास के लिए संभावित जोखिमों को पहचाना।&nbsp;साथ ही,&nbsp;वित्त वर्ष&nbsp;2027&nbsp;के लिए मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान में&nbsp;50&nbsp;बीपीएस की वृद्धि करके इसे&nbsp;5.1%&nbsp;कर दिए जाने को देखते हुए,&nbsp;इस नीति को थोड़ा आक्रामक माना जा सकता है।&nbsp;इससे अक्टूबर की नीति के साथ ब्याज दर में वृद्धि का चक्र शुरू होने की संभावना बढ़ जाती है। हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष&nbsp;2027&nbsp;में कुल मिलाकर&nbsp;50&nbsp;बीपीएस की ब्याज दर वृद्धि होगी।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42566">आरबीआई एमपीसी की नीति पर टिप्पणी &#8211; साक्षी गुप्ता, प्रधान अर्थशास्त्री, एचडीएफसी बैंक</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एचडीएफसी बैंक का &#8216;परिवर्तन&#8217; कार्यक्रम पूरे उत्तर भारत में 3.26 लाख एकड़ से ज़्यादा खेत को पराली जलाने से बचाने में बना मददगार</title>
		<link>https://divyaindianews.com/News_id/42564</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divya India News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jun 2026 09:31:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टॉप न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[बिजनेस]]></category>
		<category><![CDATA[HDFC BANK]]></category>
		<category><![CDATA[hdfc bank latest news]]></category>
		<category><![CDATA[hdfc bank news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://divyaindianews.com/?p=42564</guid>

					<description><![CDATA[<p>&#8211;&#160;&#160;पंजाब&#160;और&#160;हरियाणा&#160;के&#160;380&#160;गांवों&#160;के&#160;86,000&#160;किसान&#160;इस&#160;पहल&#160;में&#160;हुए&#160;शामिल मुंबई,4 जून,2026:  विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर, एचडीएफसी बैंक ने अपने  सीएसआर कार्यक्रम &#8216;परिवर्तन&#8217; के ज़रिए, सीआईआई  फाउंडेशन के साथ मिलकर, अपनी &#8216;फसल अवशेष प्रबंधन&#8217; (सीआरएम) पहल में एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा की। 2025 के सीज़न में, पंजाब और हरियाणा के कुल 3,78,425 एकड़ खेतों में से 88 फ़ीसदी खेतों को पराली जलाने से बचाया गया। पंजाब के लुधियाना और संगरूर ज़िलों, और हरियाणा के फतेहाबाद ज़िले के 380 से ज़्यादा गांवों के 86,000 किसानों तक पहुँचने वाला यह कार्यक्रम, उत्तर भारत में खेती से होने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए निजी क्षेत्र की एक व्यापक और असरदार कोशिश है। &#160; &#160; &#160;धान&#160;की&#160;कटाई&#160;के&#160;बाद&#160;पराली&#160;जलाना,&#160;उस&#160;गंभीर&#160;वायु&#160;प्रदूषण&#160;के&#160;मुख्य&#160;कारणों&#160;में&#160;से&#160;एक&#160;है&#160;जो&#160;हर&#160;सर्दियों&#160;में&#160;पूरे&#160;उत्तर&#160;भारत&#160;को&#160;अपनी&#160;चपेट&#160;में&#160;ले&#160;लेता&#160;है।&#160;इससे&#160;आम&#160;जनजीवन&#160;अस्त-व्यस्त&#160;हो&#160;जाता&#160;है&#160;और&#160;दिल&#160;व&#160;फेफड़ों&#160;की&#160;पुरानी&#160;बीमारियाँ&#160;और&#160;भी&#160;बढ़&#160;जाती&#160;हैं।&#160;लगभग&#160;1/3&#160;एकड़&#160;खेत&#160;में&#160;पैदा&#160;होने&#160;वाली&#160;एक&#160;टन&#160;धान&#160;की&#160;पराली&#160;को&#160;जलाने&#160;से&#160;वातावरण&#160;में&#160;तीन&#160;किलोग्राम&#160;&#8216;पार्टिकुलेट&#160;मैटर&#8217; (बारीक&#160;कण)&#160;घुल&#160;जाते&#160;हैं,&#160;साथ&#160;ही&#160;ज़मीन&#160;से&#160;ज़रूरी&#160;पोषक&#160;तत्व&#160;भी&#160;खत्म&#160;हो&#160;जाते&#160;हैं।&#160;2025&#160;में&#160;पंजाब&#160;और&#160;हरियाणा&#160;में&#160;पराली&#160;जलाने&#160;की&#160;घटनाओं&#160;में&#160;53&#160;फीसदी&#160;की&#160;कमी&#160;आने&#160;के&#160;बावजूद,&#160;छोटे&#160;और&#160;सीमांत&#160;किसानों&#160;को&#160;आज&#160;भी&#160;मशीनें&#160;हासिल&#160;करने&#160;और&#160;दो&#160;फसलों&#160;के&#160;बीच&#160;के&#160;कम&#160;समय&#160;में&#160;फसल&#160;के&#160;अवशेषों&#160;का&#160;प्रबंधन&#160;करने&#160;में&#160;कई&#160;मुश्किलों&#160;का&#160;सामना&#160;करना&#160;पड़&#160;रहा&#160;है। &#160; &#160; &#160;अक्टूबर&#160;2023&#160;में&#160;लुधियाना&#160;में&#160;शुरू&#160;हुआ&#160;और&#160;2024&#160;में&#160;संगरूर&#160;और&#160;फतेहाबाद&#160;तक&#160;फैला,&#160;यह&#160;तीन&#160;साल&#160;का&#160;कार्यक्रम&#160;सीआईआई&#160;फाउंडेशन&#160;द्वारा&#160;380&#160;गांवों&#160;में&#160;लागू&#160;किया&#160;जा&#160;रहा&#160;है।&#160;अब&#160;तक, 8&#160;गांवों&#160;ने&#160;पराली&#160;जलाने&#160;की&#160;प्रथा&#160;को&#160;पूरी&#160;तरह&#160;से&#160;खत्म&#160;कर&#160;दिया&#160;है,&#160;और&#160;174&#160;गांवों&#160;ने&#160;90&#160;फीसदी&#160;से&#160;अधिक&#160;&#8216;बिना&#160;जलाए&#8217; (&#160;नॉन&#160;बर्निंग)&#160;नियमों&#160;का&#160;पालन&#160;किया&#160;है। &#160; &#160; &#160;एचडीएफसी&#160;बैंक&#160;की&#160;सीएसआर&#160;&#160;प्रमुख&#160;नुसरत&#160;पठान&#160;ने&#160;इस&#160;उपलब्धि&#160;के&#160;बारे&#160;में&#160;बात&#160;करते&#160;हुए&#160;कहा,&#160;“पराली&#160;जलाना&#160;सिर्फ़&#160;एक&#160;कृषि&#160;आदत&#160;नहीं&#160;है,&#160;यह&#160;एक&#160;व्यवस्थागत&#160;चुनौती&#160;है&#160;जिसकी&#160;जड़ें&#160;अर्थव्यवस्था,&#160;पहुंच&#160;और&#160;जागरूकता&#160;में&#160;हैं।&#160;एचडीएफसी&#160;बैंक&#160;परिवर्तन&#160;की&#160;सीआईइई&#160;फाउंडेशन&#160;के&#160;साथ&#160;साझेदारी&#160;ने&#160;इन&#160;तीनों&#160;पहलुओं&#160;को&#160;एक&#160;साथ&#160;संबोधित&#160;किया&#160;है।&#160;सहकारी&#160;टूल&#160;बैंकों&#160;के&#160;माध्यम&#160;से&#160;किसानों&#160;तक&#160;मशीनरी&#160;की&#160;पहुंच&#160;बनाकर,&#160;लगातार&#160;सामुदायिक&#160;जुड़ाव&#160;के&#160;ज़रिए&#160;व्यवहार&#160;में&#160;बदलाव&#160;लाकर,&#160;और&#160;बायोगैस&#160;व&#160;कम्पोस्टिंग&#160;जैसे&#160;&#8216;एक्स-सीटू&#8217; (खेत&#160;के&#160;बाहर)&#160;समाधान&#160;पेश&#160;करके,&#160;हमने&#160;एक&#160;ऐसा&#160;मॉडल&#160;तैयार&#160;किया&#160;है&#160;जो&#160;किसानों&#160;के&#160;लिए&#160;वास्तविक&#160;बचत&#160;के&#160;साथ-साथ&#160;पर्यावरणीय&#160;परिणाम&#160;भी&#160;देता&#160;है।&#160;विश्व&#160;पर्यावरण&#160;दिवस&#160;के&#160;अवसर&#160;पर,&#160;हम&#160;इस&#160;प्रभाव&#160;को&#160;और&#160;आगे&#160;बढ़ाने&#160;की&#160;अपनी&#160;प्रतिबद्धता&#160;को&#160;दोहराते&#160;हैं।” &#160; &#160; &#160;इस&#160;कार्यक्रम&#160;की&#160;सफलता&#160;का&#160;आधार&#160;&#8216;सामुदायिक&#160;टूल&#160;बैंक&#8217;&#160;का&#160;दृष्टिकोण&#160; 450&#160;से&#160;अधिक&#160;कृषि&#160;मशीनें&#160;है&#160;जिनमें&#160;खरीदी&#160;गईं&#160;बेलर,&#160;सुपर&#160;सीडर,&#160;स्मार्ट&#160;सीडर&#160;और&#160;मित्र&#160;सीडर&#160;शामिल&#160;हैं&#160;&#160;और&#160;140&#160;से&#160;अधिक&#160;किसान&#160;सहकारी&#160;समितियों&#160;तथा&#160;किसान&#160;उत्पादक&#160;संगठनों&#160;(एफपीओज़)&#160;को&#160;दान&#160;की&#160;गईं,&#160;जिससे&#160;ये&#160;मशीनें&#160;किसानों&#160;को&#160;किफायती&#160;किराए&#160;पर&#160;उपलब्ध&#160;हो&#160;सकीं।&#160;पराली&#160;जलाने&#160;के&#160;सबसे&#160;ज़्यादा&#160;समय&#160;के&#160;दौरान,&#160;छोटे&#160;और&#160;सीमांत&#160;किसानों&#160;के&#160;लिए&#160;किराए&#160;पर&#160;800&#160;ट्रैक्टर&#160;उपलब्ध&#160;कराए&#160;गए।&#160;मशीनरी&#160;के&#160;उपयोग&#160;से&#160;&#8216;इन-सीटू&#8217; (खेत&#160;में&#160;ही)&#160;अवशेष&#160;प्रबंधन,&#160;मल्चिंग&#160;और&#160;धान&#160;की&#160;पराली&#160;को&#160;मिट्टी&#160;में&#160;मिलाने&#160;का&#160;काम&#160;संभव&#160;हो&#160;पाता&#160;है;&#160;साथ&#160;ही,&#160;मिट्टी&#160;तैयार&#160;करने,&#160;गेहूं&#160;के&#160;बीज&#160;बोने&#160;और&#160;खाद&#160;डालने&#160;का&#160;काम&#160;भी&#160;एक&#160;ही&#160;बार&#160;में&#160;पूरा&#160;हो&#160;जाता&#160;है।&#160;इससे&#160;पराली&#160;प्रबंधन&#160;और&#160;बुवाई&#160;की&#160;लागत&#160;2,000–2,500&#160;रुपए&#160;प्रति&#160;एकड़&#160;से&#160;घटकर&#160;लगभग&#160;800–1,200&#160;रुपए&#160;प्रति&#160;एकड़&#160;रह&#160;जाती&#160;है,&#160;और&#160;साथ&#160;ही&#160;लंबे&#160;समय&#160;में&#160;मिट्टी&#160;की&#160;उर्वरता&#160;में&#160;सुधार&#160;होता&#160;है&#160;और&#160;रासायनिक&#160;खादों&#160;पर&#160;निर्भरता&#160;कम&#160;होती&#160;है।&#160;जो&#160;किसान&#160;&#8216;इन-सीटू&#8217; (खेत&#160;में&#160;ही)&#160;पराली&#160;प्रबंधन&#160;के&#160;तरीके&#160;नहीं&#160;अपना&#160;पाते,&#160;वे&#160;बेलर&#160;मशीनों&#160;का&#160;उपयोग&#160;करके&#160;पराली&#160;को&#160;मशीनी&#160;तरीके&#160;से&#160;जल्दी&#160;से&#160;इकट्ठा&#160;कर&#160;सकते&#160;हैं,&#160;उसकी&#160;गठरियां&#160;बना&#160;सकते&#160;हैं&#160;और&#160;उसका&#160;निपटान&#160;कर&#160;सकते&#160;हैं।&#160;30&#160;से&#160;अधिक&#160;ग्रामीण&#160;युवाओं&#160;को&#160;मार्गदर्शन&#160;दिया&#160;गया&#160;और&#160;बेलर&#160;मशीनें&#160;उपलब्ध&#160;कराकर&#160;उनका&#160;सहयोग&#160;किया&#160;गया,&#160;ताकि&#160;वे&#160;धान&#160;की&#160;पराली&#160;इकट्ठा&#160;करने,&#160;आपूर्ति&#160;श्रृंखला&#160;प्रबंधन&#160;और&#160;&#8216;मूल्य&#160;संवर्धन&#8217; (वैल्यू&#160;एडिशन)&#160;के&#160;क्षेत्र&#160;में&#160;अपने&#160;छोटे&#160;व्यवसाय&#160;शुरू&#160;कर&#160;सकें।&#160;इस&#160;कार्यक्रम&#160;के&#160;तहत,&#160;खेत&#160;के&#160;बाहर&#160;(एक्स-&#160;सीटू)&#160;पराली&#160;प्रबंधन&#160;को&#160;बेहतर&#160;बनाने&#160;के&#160;लिए&#160;धान&#160;की&#160;पराली&#160;पर&#160;आधारित&#160;18&#160;छोटे&#160;बायोगैस&#160;संयंत्र&#160;स्थापित&#160;किए&#160;गए&#160;हैं&#160;और&#160;दो&#160;बायो-पेलेटाइजेशन&#160;संयंत्र&#160;तथा&#160;एक&#160;जैव-उर्वरक&#160;संयंत्र&#160;स्थापित&#160;किए&#160;जा&#160;रहे&#160;हैं। &#160; &#160; &#160;हज़ारों&#160;गाँव-स्तर&#160;की&#160;बैठकों,&#160;किसानों&#160;के&#160;लिए&#160;जागरूकता&#160;सत्रों&#160;और&#160;कृषि&#160;विभाग&#160;के&#160;साथ&#160;साझेदारी&#160;में&#160;आयोजित&#160;प्रशिक्षण&#160;कार्यक्रमों&#160;के&#160;ज़रिए&#160;किसानों&#160;की&#160;भागीदारी&#160;और&#160;उनके&#160;व्यवहार&#160;में&#160;स्थायी&#160;बदलाव&#160;लाया&#160;गया&#160;है। &#160; &#160; &#160;सीआईआई&#160;फाउंडेशन&#160;में&#160;क्लाइमेट&#160;रेज़िलिएंस&#160;के&#160;लीड,&#160;चंद्रकांत&#160;प्रधान&#160;ने&#160;कहा,&#160;“इस&#160;कार्यक्रम&#160;को&#160;जो&#160;बात&#160;असाधारण&#160;बनाती&#160;है,&#160;वह&#160;है&#160;इसमें&#160;पैदा&#160;हुई&#160;सामुदायिक&#160;स्वामित्व&#160;की&#160;गहरी&#160;भावना&#160;है।&#160;जो&#160;किसान&#160;कभी&#160;पराली&#160;जलाने&#160;के&#160;अलावा&#160;कोई&#160;और&#160;विकल्प&#160;नहीं&#160;देखते&#160;थे,&#160;अब&#160;वे&#160;&#8216;इन-सीटू&#8217; (खेत&#160;में&#160;ही)&#160;प्रबंधन&#160;के&#160;पैरोकार&#160;बन&#160;गए&#160;हैं&#160;और&#160;अपने&#160;पड़ोसियों&#160;को&#160;भी&#160;इसके&#160;लिए&#160;सक्रिय&#160;रूप&#160;से&#160;प्रोत्साहित&#160;करते&#160;हैं।&#160;लुधियाना,&#160;संगरूर&#160;और&#160;फतेहाबाद&#160;के&#160;गाँवों&#160;में,&#160;बड़ी&#160;संख्या&#160;में&#160;किसानों&#160;ने&#160;वर्षों&#160;से&#160;चली&#160;आ&#160;रही&#160;धान&#160;की&#160;पराली&#160;को&#160;खुले&#160;खेत&#160;में&#160;जलाने&#160;की&#160;प्रथा&#160;को&#160;छोड़कर,&#160;महज़&#160;दो&#160;से&#160;तीन&#160;साल&#160;के&#160;भीतर&#160;ही&#160;&#8216;ज़ीरो&#160;बर्निंग&#8217; (पराली&#160;न&#160;जलाने)&#160;आंदोलन&#160;के&#160;अग्रदूत&#160;के&#160;रूप&#160;में&#160;अपनी&#160;पहचान&#160;बनाई&#160;है।&#160;यह&#160;इस&#160;बात&#160;का&#160;प्रमाण&#160;है&#160;कि&#160;जब&#160;समुदायों&#160;को&#160;सशक्त&#160;बनाया&#160;जाता&#160;है,&#160;उन्हें&#160;शिक्षित&#160;किया&#160;जाता&#160;है&#160;और&#160;बदलाव&#160;की&#160;अगुवाई&#160;करने&#160;के&#160;लिए&#160;उन&#160;पर&#160;भरोसा&#160;किया&#160;जाता&#160;है,&#160;तो&#160;क्या&#160;कुछ&#160;संभव&#160;हो&#160;सकता&#160;है।” &#160; &#160; &#160;इस&#160;कार्यक्रम&#160;का&#160;मानवीय&#160;पहलू&#160;इसकी&#160;व्यापक&#160;पहुँच&#160;को&#160;दर्शाता&#160;है।&#160;लुधियाना&#160;के&#160;चीमा&#160;गाँव&#160;के&#160;गुरमीत&#160;सिंह&#160;ने&#160;2023&#160;में&#160;अपने&#160;पूरे&#160;खेत&#160;में&#160;सीआरएम&#160;(फसल&#160;अवशेष&#160;प्रबंधन)&#160;पद्धतियों&#160;को&#160;अपनाया&#160;और&#160;तब&#160;से&#160;उन्होंने&#160;प्रति&#160;एकड़&#160;फसल&#160;अवशेष&#160;प्रबंधन&#160;की&#160;अपनी&#160;लागत&#160;को&#160;आधा&#160;कर&#160;दिया&#160;है।&#160;फतेहाबाद&#160;के&#160;लांबा&#160;गाँव&#160;के&#160;एक&#160;छोटे&#160;ज़मीन&#160;मालिक&#160;परमजीत&#160;सिंह&#160;ने&#160;पाया&#160;कि&#160;सहकारी&#160;समिति&#160;के&#160;स्वामित्व&#160;वाले&#160;&#8216;सुपर&#160;सीडर&#8217;&#160;तक&#160;पहुँच&#160;होने&#160;से&#160;उन्हें&#160;महँगी&#160;निजी&#160;मशीनों&#160;को&#160;किराए&#160;पर&#160;लेने&#160;के&#160;वित्तीय&#160;दबाव&#160;से&#160;मुक्ति&#160;मिल&#160;गई।&#160;इससे,&#160;सीमित&#160;संसाधनों&#160;वाले&#160;परिवारों&#160;के&#160;लिए&#160;भी&#160;टिकाऊ&#160;खेती&#160;करना&#160;संभव&#160;हो&#160;गया&#160;है। &#160; &#160; &#160;जैसे-जैसे&#160;यह&#160;कार्यक्रम&#160;2026–27&#160;तक&#160;जारी&#160;रहेगा,&#160;एचडीएफसी&#160;बैंक&#160;परिवर्तन&#160;और&#160;सीआईआई&#160;फाउंडेशन&#160;नए&#160;गाँवों&#160;में&#160;इन&#160;पद्धतियों&#160;को&#160;और&#160;अधिक&#160;गहराई&#160;से&#160;अपनाने, &#8216;एक्स-सीटू&#8217; (खेत&#160;के&#160;बाहर)&#160;पराली&#160;प्रबंधन&#160;के&#160;बुनियादी&#160;ढाँचे&#160;का&#160;विस्तार&#160;करने&#160;और&#160;पूरे&#160;क्षेत्र&#160;में&#160;दीर्घकालिक&#160;कृषि&#160;लचीलापन&#160;विकसित&#160;करने&#160;के&#160;लिए&#160;प्रतिबद्ध&#160;हैं।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42564">एचडीएफसी बैंक का &#8216;परिवर्तन&#8217; कार्यक्रम पूरे उत्तर भारत में 3.26 लाख एकड़ से ज़्यादा खेत को पराली जलाने से बचाने में बना मददगार</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>&#8211;&nbsp;&nbsp;</strong><strong>पंजाब</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>और</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>हरियाणा</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>के</strong><strong>&nbsp;380&nbsp;</strong><strong>गांवों</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>के</strong><strong>&nbsp;86,000&nbsp;</strong><strong>किसान</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>इस</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>पहल</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>में</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>हुए</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>शामिल</strong><strong></strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मुंबई,4 जून,2026:</strong>  विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर, एचडीएफसी बैंक ने अपने  सीएसआर कार्यक्रम &#8216;परिवर्तन&#8217; के ज़रिए, सीआईआई  फाउंडेशन के साथ मिलकर, अपनी &#8216;फसल अवशेष प्रबंधन&#8217; (सीआरएम) पहल में एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा की। 2025 के सीज़न में, पंजाब और हरियाणा के कुल 3,78,425 एकड़ खेतों में से 88 फ़ीसदी खेतों को पराली जलाने से बचाया गया। पंजाब के लुधियाना और संगरूर ज़िलों, और हरियाणा के फतेहाबाद ज़िले के 380 से ज़्यादा गांवों के 86,000 किसानों तक पहुँचने वाला यह कार्यक्रम, उत्तर भारत में खेती से होने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए निजी क्षेत्र की एक व्यापक और असरदार कोशिश है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;धान&nbsp;की&nbsp;कटाई&nbsp;के&nbsp;बाद&nbsp;पराली&nbsp;जलाना,&nbsp;उस&nbsp;गंभीर&nbsp;वायु&nbsp;प्रदूषण&nbsp;के&nbsp;मुख्य&nbsp;कारणों&nbsp;में&nbsp;से&nbsp;एक&nbsp;है&nbsp;जो&nbsp;हर&nbsp;सर्दियों&nbsp;में&nbsp;पूरे&nbsp;उत्तर&nbsp;भारत&nbsp;को&nbsp;अपनी&nbsp;चपेट&nbsp;में&nbsp;ले&nbsp;लेता&nbsp;है।&nbsp;इससे&nbsp;आम&nbsp;जनजीवन&nbsp;अस्त-व्यस्त&nbsp;हो&nbsp;जाता&nbsp;है&nbsp;और&nbsp;दिल&nbsp;व&nbsp;फेफड़ों&nbsp;की&nbsp;पुरानी&nbsp;बीमारियाँ&nbsp;और&nbsp;भी&nbsp;बढ़&nbsp;जाती&nbsp;हैं।&nbsp;लगभग&nbsp;1/3&nbsp;एकड़&nbsp;खेत&nbsp;में&nbsp;पैदा&nbsp;होने&nbsp;वाली&nbsp;एक&nbsp;टन&nbsp;धान&nbsp;की&nbsp;पराली&nbsp;को&nbsp;जलाने&nbsp;से&nbsp;वातावरण&nbsp;में&nbsp;तीन&nbsp;किलोग्राम&nbsp;&#8216;पार्टिकुलेट&nbsp;मैटर&#8217; (बारीक&nbsp;कण)&nbsp;घुल&nbsp;जाते&nbsp;हैं,&nbsp;साथ&nbsp;ही&nbsp;ज़मीन&nbsp;से&nbsp;ज़रूरी&nbsp;पोषक&nbsp;तत्व&nbsp;भी&nbsp;खत्म&nbsp;हो&nbsp;जाते&nbsp;हैं।&nbsp;2025&nbsp;में&nbsp;पंजाब&nbsp;और&nbsp;हरियाणा&nbsp;में&nbsp;पराली&nbsp;जलाने&nbsp;की&nbsp;घटनाओं&nbsp;में&nbsp;53&nbsp;फीसदी&nbsp;की&nbsp;कमी&nbsp;आने&nbsp;के&nbsp;बावजूद,&nbsp;छोटे&nbsp;और&nbsp;सीमांत&nbsp;किसानों&nbsp;को&nbsp;आज&nbsp;भी&nbsp;मशीनें&nbsp;हासिल&nbsp;करने&nbsp;और&nbsp;दो&nbsp;फसलों&nbsp;के&nbsp;बीच&nbsp;के&nbsp;कम&nbsp;समय&nbsp;में&nbsp;फसल&nbsp;के&nbsp;अवशेषों&nbsp;का&nbsp;प्रबंधन&nbsp;करने&nbsp;में&nbsp;कई&nbsp;मुश्किलों&nbsp;का&nbsp;सामना&nbsp;करना&nbsp;पड़&nbsp;रहा&nbsp;है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;अक्टूबर&nbsp;2023&nbsp;में&nbsp;लुधियाना&nbsp;में&nbsp;शुरू&nbsp;हुआ&nbsp;और&nbsp;2024&nbsp;में&nbsp;संगरूर&nbsp;और&nbsp;फतेहाबाद&nbsp;तक&nbsp;फैला,&nbsp;यह&nbsp;तीन&nbsp;साल&nbsp;का&nbsp;कार्यक्रम&nbsp;सीआईआई&nbsp;फाउंडेशन&nbsp;द्वारा&nbsp;380&nbsp;गांवों&nbsp;में&nbsp;लागू&nbsp;किया&nbsp;जा&nbsp;रहा&nbsp;है।&nbsp;अब&nbsp;तक, 8&nbsp;गांवों&nbsp;ने&nbsp;पराली&nbsp;जलाने&nbsp;की&nbsp;प्रथा&nbsp;को&nbsp;पूरी&nbsp;तरह&nbsp;से&nbsp;खत्म&nbsp;कर&nbsp;दिया&nbsp;है,&nbsp;और&nbsp;174&nbsp;गांवों&nbsp;ने&nbsp;90&nbsp;फीसदी&nbsp;से&nbsp;अधिक&nbsp;&#8216;बिना&nbsp;जलाए&#8217; (&nbsp;नॉन&nbsp;बर्निंग)&nbsp;नियमों&nbsp;का&nbsp;पालन&nbsp;किया&nbsp;है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>&nbsp; &nbsp; &nbsp;</strong><strong>एचडीएफसी</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>बैंक</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>की</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>सीएसआर</strong><strong>&nbsp;&nbsp;</strong><strong>प्रमुख</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>नुसरत</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>पठान</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>ने</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>इस</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>उपलब्धि</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>के</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>बारे</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>में</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>बात</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>करते</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>हुए</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>कहा</strong><strong>,</strong>&nbsp;“पराली&nbsp;जलाना&nbsp;सिर्फ़&nbsp;एक&nbsp;कृषि&nbsp;आदत&nbsp;नहीं&nbsp;है,&nbsp;यह&nbsp;एक&nbsp;व्यवस्थागत&nbsp;चुनौती&nbsp;है&nbsp;जिसकी&nbsp;जड़ें&nbsp;अर्थव्यवस्था,&nbsp;पहुंच&nbsp;और&nbsp;जागरूकता&nbsp;में&nbsp;हैं।&nbsp;एचडीएफसी&nbsp;बैंक&nbsp;परिवर्तन&nbsp;की&nbsp;सीआईइई&nbsp;फाउंडेशन&nbsp;के&nbsp;साथ&nbsp;साझेदारी&nbsp;ने&nbsp;इन&nbsp;तीनों&nbsp;पहलुओं&nbsp;को&nbsp;एक&nbsp;साथ&nbsp;संबोधित&nbsp;किया&nbsp;है।&nbsp;सहकारी&nbsp;टूल&nbsp;बैंकों&nbsp;के&nbsp;माध्यम&nbsp;से&nbsp;किसानों&nbsp;तक&nbsp;मशीनरी&nbsp;की&nbsp;पहुंच&nbsp;बनाकर,&nbsp;लगातार&nbsp;सामुदायिक&nbsp;जुड़ाव&nbsp;के&nbsp;ज़रिए&nbsp;व्यवहार&nbsp;में&nbsp;बदलाव&nbsp;लाकर,&nbsp;और&nbsp;बायोगैस&nbsp;व&nbsp;कम्पोस्टिंग&nbsp;जैसे&nbsp;&#8216;एक्स-सीटू&#8217; (खेत&nbsp;के&nbsp;बाहर)&nbsp;समाधान&nbsp;पेश&nbsp;करके,&nbsp;हमने&nbsp;एक&nbsp;ऐसा&nbsp;मॉडल&nbsp;तैयार&nbsp;किया&nbsp;है&nbsp;जो&nbsp;किसानों&nbsp;के&nbsp;लिए&nbsp;वास्तविक&nbsp;बचत&nbsp;के&nbsp;साथ-साथ&nbsp;पर्यावरणीय&nbsp;परिणाम&nbsp;भी&nbsp;देता&nbsp;है।&nbsp;विश्व&nbsp;पर्यावरण&nbsp;दिवस&nbsp;के&nbsp;अवसर&nbsp;पर,&nbsp;हम&nbsp;इस&nbsp;प्रभाव&nbsp;को&nbsp;और&nbsp;आगे&nbsp;बढ़ाने&nbsp;की&nbsp;अपनी&nbsp;प्रतिबद्धता&nbsp;को&nbsp;दोहराते&nbsp;हैं।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;इस&nbsp;कार्यक्रम&nbsp;की&nbsp;सफलता&nbsp;का&nbsp;आधार&nbsp;&#8216;सामुदायिक&nbsp;टूल&nbsp;बैंक&#8217;&nbsp;का&nbsp;दृष्टिकोण&nbsp; 450&nbsp;से&nbsp;अधिक&nbsp;कृषि&nbsp;मशीनें&nbsp;है&nbsp;जिनमें&nbsp;खरीदी&nbsp;गईं&nbsp;बेलर,&nbsp;सुपर&nbsp;सीडर,&nbsp;स्मार्ट&nbsp;सीडर&nbsp;और&nbsp;मित्र&nbsp;सीडर&nbsp;शामिल&nbsp;हैं&nbsp;&nbsp;और&nbsp;140&nbsp;से&nbsp;अधिक&nbsp;किसान&nbsp;सहकारी&nbsp;समितियों&nbsp;तथा&nbsp;किसान&nbsp;उत्पादक&nbsp;संगठनों&nbsp;(एफपीओज़)&nbsp;को&nbsp;दान&nbsp;की&nbsp;गईं,&nbsp;जिससे&nbsp;ये&nbsp;मशीनें&nbsp;किसानों&nbsp;को&nbsp;किफायती&nbsp;किराए&nbsp;पर&nbsp;उपलब्ध&nbsp;हो&nbsp;सकीं।&nbsp;पराली&nbsp;जलाने&nbsp;के&nbsp;सबसे&nbsp;ज़्यादा&nbsp;समय&nbsp;के&nbsp;दौरान,&nbsp;छोटे&nbsp;और&nbsp;सीमांत&nbsp;किसानों&nbsp;के&nbsp;लिए&nbsp;किराए&nbsp;पर&nbsp;800&nbsp;ट्रैक्टर&nbsp;उपलब्ध&nbsp;कराए&nbsp;गए।&nbsp;मशीनरी&nbsp;के&nbsp;उपयोग&nbsp;से&nbsp;&#8216;इन-सीटू&#8217; (खेत&nbsp;में&nbsp;ही)&nbsp;अवशेष&nbsp;प्रबंधन,&nbsp;मल्चिंग&nbsp;और&nbsp;धान&nbsp;की&nbsp;पराली&nbsp;को&nbsp;मिट्टी&nbsp;में&nbsp;मिलाने&nbsp;का&nbsp;काम&nbsp;संभव&nbsp;हो&nbsp;पाता&nbsp;है;&nbsp;साथ&nbsp;ही,&nbsp;मिट्टी&nbsp;तैयार&nbsp;करने,&nbsp;गेहूं&nbsp;के&nbsp;बीज&nbsp;बोने&nbsp;और&nbsp;खाद&nbsp;डालने&nbsp;का&nbsp;काम&nbsp;भी&nbsp;एक&nbsp;ही&nbsp;बार&nbsp;में&nbsp;पूरा&nbsp;हो&nbsp;जाता&nbsp;है।&nbsp;इससे&nbsp;पराली&nbsp;प्रबंधन&nbsp;और&nbsp;बुवाई&nbsp;की&nbsp;लागत&nbsp;2,000–2,500&nbsp;रुपए&nbsp;प्रति&nbsp;एकड़&nbsp;से&nbsp;घटकर&nbsp;लगभग&nbsp;800–1,200&nbsp;रुपए&nbsp;प्रति&nbsp;एकड़&nbsp;रह&nbsp;जाती&nbsp;है,&nbsp;और&nbsp;साथ&nbsp;ही&nbsp;लंबे&nbsp;समय&nbsp;में&nbsp;मिट्टी&nbsp;की&nbsp;उर्वरता&nbsp;में&nbsp;सुधार&nbsp;होता&nbsp;है&nbsp;और&nbsp;रासायनिक&nbsp;खादों&nbsp;पर&nbsp;निर्भरता&nbsp;कम&nbsp;होती&nbsp;है।&nbsp;जो&nbsp;किसान&nbsp;&#8216;इन-सीटू&#8217; (खेत&nbsp;में&nbsp;ही)&nbsp;पराली&nbsp;प्रबंधन&nbsp;के&nbsp;तरीके&nbsp;नहीं&nbsp;अपना&nbsp;पाते,&nbsp;वे&nbsp;बेलर&nbsp;मशीनों&nbsp;का&nbsp;उपयोग&nbsp;करके&nbsp;पराली&nbsp;को&nbsp;मशीनी&nbsp;तरीके&nbsp;से&nbsp;जल्दी&nbsp;से&nbsp;इकट्ठा&nbsp;कर&nbsp;सकते&nbsp;हैं,&nbsp;उसकी&nbsp;गठरियां&nbsp;बना&nbsp;सकते&nbsp;हैं&nbsp;और&nbsp;उसका&nbsp;निपटान&nbsp;कर&nbsp;सकते&nbsp;हैं।&nbsp;30&nbsp;से&nbsp;अधिक&nbsp;ग्रामीण&nbsp;युवाओं&nbsp;को&nbsp;मार्गदर्शन&nbsp;दिया&nbsp;गया&nbsp;और&nbsp;बेलर&nbsp;मशीनें&nbsp;उपलब्ध&nbsp;कराकर&nbsp;उनका&nbsp;सहयोग&nbsp;किया&nbsp;गया,&nbsp;ताकि&nbsp;वे&nbsp;धान&nbsp;की&nbsp;पराली&nbsp;इकट्ठा&nbsp;करने,&nbsp;आपूर्ति&nbsp;श्रृंखला&nbsp;प्रबंधन&nbsp;और&nbsp;&#8216;मूल्य&nbsp;संवर्धन&#8217; (वैल्यू&nbsp;एडिशन)&nbsp;के&nbsp;क्षेत्र&nbsp;में&nbsp;अपने&nbsp;छोटे&nbsp;व्यवसाय&nbsp;शुरू&nbsp;कर&nbsp;सकें।&nbsp;इस&nbsp;कार्यक्रम&nbsp;के&nbsp;तहत,&nbsp;खेत&nbsp;के&nbsp;बाहर&nbsp;(एक्स-&nbsp;सीटू)&nbsp;पराली&nbsp;प्रबंधन&nbsp;को&nbsp;बेहतर&nbsp;बनाने&nbsp;के&nbsp;लिए&nbsp;धान&nbsp;की&nbsp;पराली&nbsp;पर&nbsp;आधारित&nbsp;18&nbsp;छोटे&nbsp;बायोगैस&nbsp;संयंत्र&nbsp;स्थापित&nbsp;किए&nbsp;गए&nbsp;हैं&nbsp;और&nbsp;दो&nbsp;बायो-पेलेटाइजेशन&nbsp;संयंत्र&nbsp;तथा&nbsp;एक&nbsp;जैव-उर्वरक&nbsp;संयंत्र&nbsp;स्थापित&nbsp;किए&nbsp;जा&nbsp;रहे&nbsp;हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;हज़ारों&nbsp;गाँव-स्तर&nbsp;की&nbsp;बैठकों,&nbsp;किसानों&nbsp;के&nbsp;लिए&nbsp;जागरूकता&nbsp;सत्रों&nbsp;और&nbsp;कृषि&nbsp;विभाग&nbsp;के&nbsp;साथ&nbsp;साझेदारी&nbsp;में&nbsp;आयोजित&nbsp;प्रशिक्षण&nbsp;कार्यक्रमों&nbsp;के&nbsp;ज़रिए&nbsp;किसानों&nbsp;की&nbsp;भागीदारी&nbsp;और&nbsp;उनके&nbsp;व्यवहार&nbsp;में&nbsp;स्थायी&nbsp;बदलाव&nbsp;लाया&nbsp;गया&nbsp;है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>&nbsp; &nbsp; &nbsp;</strong><strong>सीआईआई</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>फाउंडेशन</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>में</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>क्लाइमेट</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>रेज़िलिएंस</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>के</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>लीड</strong><strong>,&nbsp;</strong><strong>चंद्रकांत</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>प्रधान</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>ने</strong><strong>&nbsp;</strong><strong>कहा</strong><strong>,</strong>&nbsp;“इस&nbsp;कार्यक्रम&nbsp;को&nbsp;जो&nbsp;बात&nbsp;असाधारण&nbsp;बनाती&nbsp;है,&nbsp;वह&nbsp;है&nbsp;इसमें&nbsp;पैदा&nbsp;हुई&nbsp;सामुदायिक&nbsp;स्वामित्व&nbsp;की&nbsp;गहरी&nbsp;भावना&nbsp;है।&nbsp;जो&nbsp;किसान&nbsp;कभी&nbsp;पराली&nbsp;जलाने&nbsp;के&nbsp;अलावा&nbsp;कोई&nbsp;और&nbsp;विकल्प&nbsp;नहीं&nbsp;देखते&nbsp;थे,&nbsp;अब&nbsp;वे&nbsp;&#8216;इन-सीटू&#8217; (खेत&nbsp;में&nbsp;ही)&nbsp;प्रबंधन&nbsp;के&nbsp;पैरोकार&nbsp;बन&nbsp;गए&nbsp;हैं&nbsp;और&nbsp;अपने&nbsp;पड़ोसियों&nbsp;को&nbsp;भी&nbsp;इसके&nbsp;लिए&nbsp;सक्रिय&nbsp;रूप&nbsp;से&nbsp;प्रोत्साहित&nbsp;करते&nbsp;हैं।&nbsp;लुधियाना,&nbsp;संगरूर&nbsp;और&nbsp;फतेहाबाद&nbsp;के&nbsp;गाँवों&nbsp;में,&nbsp;बड़ी&nbsp;संख्या&nbsp;में&nbsp;किसानों&nbsp;ने&nbsp;वर्षों&nbsp;से&nbsp;चली&nbsp;आ&nbsp;रही&nbsp;धान&nbsp;की&nbsp;पराली&nbsp;को&nbsp;खुले&nbsp;खेत&nbsp;में&nbsp;जलाने&nbsp;की&nbsp;प्रथा&nbsp;को&nbsp;छोड़कर,&nbsp;महज़&nbsp;दो&nbsp;से&nbsp;तीन&nbsp;साल&nbsp;के&nbsp;भीतर&nbsp;ही&nbsp;&#8216;ज़ीरो&nbsp;बर्निंग&#8217; (पराली&nbsp;न&nbsp;जलाने)&nbsp;आंदोलन&nbsp;के&nbsp;अग्रदूत&nbsp;के&nbsp;रूप&nbsp;में&nbsp;अपनी&nbsp;पहचान&nbsp;बनाई&nbsp;है।&nbsp;यह&nbsp;इस&nbsp;बात&nbsp;का&nbsp;प्रमाण&nbsp;है&nbsp;कि&nbsp;जब&nbsp;समुदायों&nbsp;को&nbsp;सशक्त&nbsp;बनाया&nbsp;जाता&nbsp;है,&nbsp;उन्हें&nbsp;शिक्षित&nbsp;किया&nbsp;जाता&nbsp;है&nbsp;और&nbsp;बदलाव&nbsp;की&nbsp;अगुवाई&nbsp;करने&nbsp;के&nbsp;लिए&nbsp;उन&nbsp;पर&nbsp;भरोसा&nbsp;किया&nbsp;जाता&nbsp;है,&nbsp;तो&nbsp;क्या&nbsp;कुछ&nbsp;संभव&nbsp;हो&nbsp;सकता&nbsp;है।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;इस&nbsp;कार्यक्रम&nbsp;का&nbsp;मानवीय&nbsp;पहलू&nbsp;इसकी&nbsp;व्यापक&nbsp;पहुँच&nbsp;को&nbsp;दर्शाता&nbsp;है।&nbsp;लुधियाना&nbsp;के&nbsp;चीमा&nbsp;गाँव&nbsp;के&nbsp;गुरमीत&nbsp;सिंह&nbsp;ने&nbsp;2023&nbsp;में&nbsp;अपने&nbsp;पूरे&nbsp;खेत&nbsp;में&nbsp;सीआरएम&nbsp;(फसल&nbsp;अवशेष&nbsp;प्रबंधन)&nbsp;पद्धतियों&nbsp;को&nbsp;अपनाया&nbsp;और&nbsp;तब&nbsp;से&nbsp;उन्होंने&nbsp;प्रति&nbsp;एकड़&nbsp;फसल&nbsp;अवशेष&nbsp;प्रबंधन&nbsp;की&nbsp;अपनी&nbsp;लागत&nbsp;को&nbsp;आधा&nbsp;कर&nbsp;दिया&nbsp;है।&nbsp;फतेहाबाद&nbsp;के&nbsp;लांबा&nbsp;गाँव&nbsp;के&nbsp;एक&nbsp;छोटे&nbsp;ज़मीन&nbsp;मालिक&nbsp;परमजीत&nbsp;सिंह&nbsp;ने&nbsp;पाया&nbsp;कि&nbsp;सहकारी&nbsp;समिति&nbsp;के&nbsp;स्वामित्व&nbsp;वाले&nbsp;&#8216;सुपर&nbsp;सीडर&#8217;&nbsp;तक&nbsp;पहुँच&nbsp;होने&nbsp;से&nbsp;उन्हें&nbsp;महँगी&nbsp;निजी&nbsp;मशीनों&nbsp;को&nbsp;किराए&nbsp;पर&nbsp;लेने&nbsp;के&nbsp;वित्तीय&nbsp;दबाव&nbsp;से&nbsp;मुक्ति&nbsp;मिल&nbsp;गई।&nbsp;इससे,&nbsp;सीमित&nbsp;संसाधनों&nbsp;वाले&nbsp;परिवारों&nbsp;के&nbsp;लिए&nbsp;भी&nbsp;टिकाऊ&nbsp;खेती&nbsp;करना&nbsp;संभव&nbsp;हो&nbsp;गया&nbsp;है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;जैसे-जैसे&nbsp;यह&nbsp;कार्यक्रम&nbsp;2026–27&nbsp;तक&nbsp;जारी&nbsp;रहेगा,&nbsp;एचडीएफसी&nbsp;बैंक&nbsp;परिवर्तन&nbsp;और&nbsp;सीआईआई&nbsp;फाउंडेशन&nbsp;नए&nbsp;गाँवों&nbsp;में&nbsp;इन&nbsp;पद्धतियों&nbsp;को&nbsp;और&nbsp;अधिक&nbsp;गहराई&nbsp;से&nbsp;अपनाने, &#8216;एक्स-सीटू&#8217; (खेत&nbsp;के&nbsp;बाहर)&nbsp;पराली&nbsp;प्रबंधन&nbsp;के&nbsp;बुनियादी&nbsp;ढाँचे&nbsp;का&nbsp;विस्तार&nbsp;करने&nbsp;और&nbsp;पूरे&nbsp;क्षेत्र&nbsp;में&nbsp;दीर्घकालिक&nbsp;कृषि&nbsp;लचीलापन&nbsp;विकसित&nbsp;करने&nbsp;के&nbsp;लिए&nbsp;प्रतिबद्ध&nbsp;हैं।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42564">एचडीएफसी बैंक का &#8216;परिवर्तन&#8217; कार्यक्रम पूरे उत्तर भारत में 3.26 लाख एकड़ से ज़्यादा खेत को पराली जलाने से बचाने में बना मददगार</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एचडीएफसी बैंक  व्हाट्सएप चैट बैंकिंग ने 1 करोड़ यूनिक मंथली एक्टिव यूज़र्स का मील का पत्थर पार किया</title>
		<link>https://divyaindianews.com/News_id/42560</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divya India News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 14:35:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://divyaindianews.com/?p=42560</guid>

					<description><![CDATA[<p>मुंबई, 12 मई, 2026:&#160;एचडीएफसी बैंक के व्हाट्सएप चैट बैंकिंग प्लेटफ़ॉर्म ने इस्तेमाल के मामले में कई अहम मील के पत्थर पार कर लिए हैं।&#160; इस प्लेटफ़ॉर्म पर 31 मार्च, 2026 तक 1 करोड़ से ज़्यादा 30-दिन के एक्टिव यूज़र्स और 2 करोड़ से ज़्यादा 90-दिन के एक्टिव यूज़र्स थे। यह प्लेटफ़ॉर्म अब 4 करोड़ से &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42560">एचडीएफसी बैंक  व्हाट्सएप चैट बैंकिंग ने 1 करोड़ यूनिक मंथली एक्टिव यूज़र्स का मील का पत्थर पार किया</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>मुंबई, 12 मई, 2026:</strong>&nbsp;एचडीएफसी बैंक के व्हाट्सएप चैट बैंकिंग प्लेटफ़ॉर्म ने इस्तेमाल के मामले में कई अहम मील के पत्थर पार कर लिए हैं।&nbsp; इस प्लेटफ़ॉर्म पर 31 मार्च, 2026 तक 1 करोड़ से ज़्यादा 30-दिन के एक्टिव यूज़र्स और 2 करोड़ से ज़्यादा 90-दिन के एक्टिव यूज़र्स थे। यह प्लेटफ़ॉर्म अब 4 करोड़ से ज़्यादा रजिस्टर्ड ग्राहकों को सेवाएँ दे रहा है, जो बैंक के कुल ग्राहक आधार का लगभग 40 प्रतिशत है। यूज़र्स की संख्या में बढ़ोतरी के साथ-साथ, लेन-देन में भी 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो ग्राहकों की गहरी भागीदारी को दिखाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आज, एचडीएफसी बैंक व्हाट्सएप पर सेवाओं का सबसे व्यापक सेट पेश करता है। यह प्लेटफ़ॉर्म 19 प्रोडक्ट लाइनों में 225 से ज़्यादा सेवाओं के साथ रोज़मर्रा की बैंकिंग ज़रूरतों, लेन-देन से जुड़ी प्रक्रियाओं और पहले से मिलने वाले सर्विस अलर्ट को कवर करता है। यह तेज़ी से इस इंडस्ट्री के सबसे आधुनिक बातचीत-आधारित बैंकिंग इकोसिस्टम में से एक बन गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">एचडीएफसी बैंक ने शुरू में ही पहचान लिया था कि बातचीत-आधारित इंटरफ़ेस सिर्फ़ आम बातचीत से आगे बढ़कर, कॉमर्स के लिए शक्तिशाली प्लेटफ़ॉर्म बन रहे हैं जिनमें शॉपिंग, खाना ऑर्डर करना और रोज़मर्रा की बातचीत शामिल है। इस बदलाव को पहचानते हुए, बैंक ने 2022 में चैट बैंकिंग शुरू की। इसे बैंकिंग की बुनियादी ज़रूरतों के लिए एक सुविधाजनक सर्विस चैनल के तौर पर पेश किया गया और इस तरह बैंकिंग को सीधे ग्राहकों की रोज़मर्रा की डिजिटल आदतों का हिस्सा बना दिया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए बैंक ने लगातार नए-नए प्रोडक्ट डिज़ाइन पर ध्यान दिया है। इसने इंडस्ट्री में पहली बार कई ऐसी सुविधाएँ पेश की हैं, जिनमें वॉइस नोट-आधारित इनपुट शामिल हैं। इनकी मदद से ग्राहक हिंदी, अंग्रेज़ी या हिंग्लिश में आसानी से बातचीत कर सकते हैं। यह दुनिया के उन पहले बैंकों में से एक है जिसने कोर बैंकिंग सिस्टम से मिलने वाले सर्विस अलर्ट को एक साथ दिखाने की सुविधा दी है। साथ ही, ज़्यादा मुश्किल सवालों के जवाब देने के लिए एआई-पावर्ड बॉट और ह्यूमन एजेंट, दोनों की मदद लेने की सुविधा भी दी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए, बैंक ने &#8216; कनेक्ट टू आरएम&#8217; फ़ीचर की शुरुआत की। इसकी मदद से यूज़र्स अपने रिलेशनशिप मैनेजर की जानकारी देख सकते हैं और तुरंत उन्हें वापस कॉल करने का अनुरोध कर सकते हैं। हाल ही में, इसने क्विक एफडी बुकिंग और कन्वर्ट टू ईएमआई जैसी पूरी तरह से इंटीग्रेटेड सुविधाएँ शुरू की हैं। इन्हें सिर्फ़ तीन आसान स्टेप्स में पूरा किया जा सकता है, जिससे बीच में ही प्रक्रिया छोड़ने वाले ग्राहकों की संख्या में काफ़ी कमी आई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>एचडीएफसी बैंक के पेमेंट्स और डिजिटल बैंकिंग चैनल्स के हेड, रजनीश परमानंद प्रभु&nbsp;</strong>ने इस मील के पत्थर के बारे में बात करते हुए कहा: “1 करोड़ यूनिक मंथली एक्टिव यूज़र्स का मील का पत्थर पार करना हमारी डिजिटल यात्रा में एक अहम पल है। जो एक साधारण सर्विस इंटरफ़ेस के तौर पर शुरू हुआ था, वह अब एक पूरे पैमाने वाले कन्वर्सेशनल बैंकिंग इकोसिस्टम में बदल गया है। ग्राहक अब आम सेवाओं और ज़्यादा कीमत वाले लेन-देन, दोनों के लिए चैट को ज़्यादा चुन रहे हैं। हमारा ध्यान बैंकिंग को और ज़्यादा ग्राहक-केंद्रित, आसान और उन प्लेटफ़ॉर्म्स पर उपलब्ध बनाने पर है जिनका इस्तेमाल ग्राहक हर दिन करते हैं।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह पैमाना एक केंद्रित 360-डिग्री रणनीति की वजह से मुमकिन हो पाया है। इस रणनीति में ग्राहक की जानकारी का इस्तेमाल करके उन्हें खास सर्विस सुझाव देना, मोबाइल बैंकिंग और &#8216;पे-जै़प&#8217; जैसे डिजिटल टचपॉइंट्स पर अलग-अलग चैनलों के ज़रिए चैट बैंकिंग को बढ़ावा देना, बातचीत की फ़्रीक्वेंसी और आकर्षक क्रिएटिव्स को बेहतर बनाकर संचार को ऑप्टिमाइज़ करना, और रियल-टाइम एनपीएस ट्रैकिंग और ग्राहक के फ़ीडबैक के आधार पर लगातार सुधार करना शामिल है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मेटा इंडिया में बिज़नेस मैसेजिंग के डायरेक्टर, रवि गर्ग ने कहा</strong>: “व्हाट्सएप इस बात को बदल रहा है कि बिज़नेस और ग्राहक एक-दूसरे से कैसे बातचीत करते हैं और अपने काम कैसे पूरे करते हैं। इस तरह के मील के पत्थर दिखाते हैं कि मैसेजिंग सचमुच कैसे सार्थक मूल्य दे सकती है और बेहतर अनुभव बना सकती है। हमें यह देखकर खुशी हो रही है कि एचडीएफसी बैंक बड़े पैमाने पर सुविधाजनक और सुरक्षित बैंकिंग अनुभव देने के लिए व्हाट्सएप की ताकत का सचमुच इस्तेमाल कर रहा है।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">एचडीएफसी बैंक नई प्रोडक्ट लाइन्स के साथ अपनी चैट बैंकिंग क्षमताओं को और बढ़ाने की योजना बना रहा है। इसका मकसद चैट बैंकिंग को ग्राहकों के लिए पसंदीदा सेल्फ़-सर्विस चैनलों में से एक बनाना है।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42560">एचडीएफसी बैंक  व्हाट्सएप चैट बैंकिंग ने 1 करोड़ यूनिक मंथली एक्टिव यूज़र्स का मील का पत्थर पार किया</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एचडीएफसी बैंक परिवर्तन ने 15,200 से ज़्यादा जल निकायें बनाए, ग्रामीण भारत के 15 लाख परिवारों को जल सुरक्षा मिली</title>
		<link>https://divyaindianews.com/News_id/42554</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divya India News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Apr 2026 16:10:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टॉप न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[बिजनेस]]></category>
		<category><![CDATA[HDFC BANK]]></category>
		<category><![CDATA[hdfc bank news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://divyaindianews.com/?p=42554</guid>

					<description><![CDATA[<p>&#8211; बैंक ने 28 राज्यों में जल संरक्षण के प्रयासों का एक दशक पूरा किया, हिमालय में &#8216;आइस स्तूप&#8217; से लेकर सूखा-ग्रस्त ज़िलों में &#8216;चेक डैम&#8217; तक बनाए मुंबई, 16 अप्रैल, 2026:&#160;एचडीएफसी बैंक&#160; के मुख्य कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर)&#160; कार्यक्रम, एचडीएफसी बैंक परिवर्तन ने घोषणा की है कि उसने पूरे भारत में कुल मिलाकर 15,289 &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42554">एचडीएफसी बैंक परिवर्तन ने 15,200 से ज़्यादा जल निकायें बनाए, ग्रामीण भारत के 15 लाख परिवारों को जल सुरक्षा मिली</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>&#8211; बैंक ने 28 राज्यों में जल संरक्षण के प्रयासों का एक दशक पूरा किया, हिमालय में &#8216;आइस स्तूप&#8217; से लेकर सूखा-ग्रस्त ज़िलों में &#8216;चेक डैम&#8217; तक बनाए</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मुंबई, 16 अप्रैल, 2026:</strong>&nbsp;एचडीएफसी बैंक&nbsp; के मुख्य कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर)&nbsp; कार्यक्रम, एचडीएफसी बैंक परिवर्तन ने घोषणा की है कि उसने पूरे भारत में कुल मिलाकर 15,289 से ज़्यादा जल निकायें बनाए हैं और&nbsp; उनकी मरम्मत की है। ये निकायें 10,430 से ज़्यादा गाँवों में फैले हैं और इनसे 14.92 लाख परिवारों को मदद मिली है। इसके &#8216;स्वास्थ्य और स्वच्छता&#8217; ( हेल्थ एंड हाइजीन) स्तंभ के तहत, 950 से ज़्यादा गाँवों को सामुदायिक शुद्धिकरण प्रणालियों के माध्यम से सुरक्षित पेयजल भी उपलब्ध कराया गया है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;बैंक ने इन सभी क्षेत्रों में जल से जुडे कई तरह के संसाधनों का निर्माण के साथ-साथ उनकी मरम्मत की है। इनमें खेतों में तालाब ( फार्म पोंडस), चेक डैम, पानी के बँटवारे के लिए &#8216;जल मीनार&#8217;, और स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों तथा घरों पर वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) प्रणालियाँ शामिल हैं। मध्य भारत में, &#8216;वाटर&#8217; पहल के माध्यम से &#8216;लिफ्ट सिंचाई&#8217; और &#8216;रीचार्ज कुओं&#8217; ने आदिवासी किसान समुदायों तक पानी की पहुँच बढ़ाई है। पेयजल के लिए, बैंक ने स्थानीय जल स्रोतों के विश्लेषण के आधार पर&nbsp; यूवी, आरओ या कई चरणों वाली शुद्धिकरण (मल्टी स्टेज फिल्ट्रेशन) तकनीक का उपयोग करके छोटे शुद्धिकरण संयंत्र लगाए हैं। इन्हें सामुदायिक जल टैंक, नल के कनेक्शन और पानी की गुणवत्ता की निगरानी करने वाली प्रणालियों का भी सहयोग मिला है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;केवल जल निकायें बनाने से ही खेती में बदलाव नहीं आता। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन हर संरचनात्मक निवेश के साथ कृषि संबंधी सहायता भी देता है। इसमें सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियाँ माइक्रो इरिगेशन सिस्टमस), &#8216;शेड नेट हाउस&#8217;, &#8216;जैव-इनपुट संसाधन केंद्र&#8217; ( बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर्स) और &#8216;बहु-स्तरीय खेती&#8217; (मल्टी लेयर फार्मिंग) के तरीके शामिल हैं। इन सभी के मिले-जुले प्रयासों से सिंचाई के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र बढ़ा है, अनियमित वर्षा पर निर्भरता कम हुई है, और छोटे किसानों की फ़सलों की पैदावार में सुधार हुआ है। जल का उपयोग करने वाले सामुदायिक समूहों को &#8216;जल बजट&#8217; बनाने और पानी का समझदारी से उपयोग करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी जल संरचना बनने के लंबे समय बाद तक भी उपयोगी बनी रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;इस कार्यक्रम की रूपरेखा में &#8216;सामुदायिक स्वामित्व&#8217; (कम्युनिटी ओनरशिप) को केंद्रीय महत्व दिया गया है। &#8216;महिला स्वयं-सहायता समूहों&#8217; और &#8216;जल उपयोगकर्ता संघों&#8217; के साथ मिलकर तैयार की गई &#8216;सहभागी ग्राम कार्य योजनाएँ&#8217; ( पार्टिसिपेटरी विलेज एक्शन प्लांस ) यह सुनिश्चित करती हैं कि हर निवेश स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हो।&nbsp; जीआईएस -आधारित नियोजन प्लानिंग से किसी भी स्थान का चयन पूरी सटीकता के साथ किया जाता है। &#8216;मनरेगा&#8217; जैसी सरकारी योजनाओं के साथ तालमेल बिठाने से इस कार्यक्रम का प्रभाव और भी गहरा होता है, और काम की पुनरावृत्ति (डुप्लीकेशन) से बचा जा सकता है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>&nbsp; &nbsp; &nbsp;एचडीएफसी बैंक की सीएसआर हेड, सुश्री नुसरत पठान ने इस मौके पर बोलते हुए कहा,</strong>&nbsp;“एचडीएफसी बैंक परिवर्तन में हमने समुदायों तक पहुँचने और उनकी ज़रूरतों को पूरा करने का काम किया है, चाहे पहाड़ों में &#8216;आइस स्तूप&#8217; बनाना हो या उन गाँवों में पानी शुद्ध करने वाले प्लांट लगाना हो, जहाँ पहले कभी साफ़ नल का पानी नहीं पहुँचा था। ‘परिवर्तन’ के ज़रिए हमारा काम वाटरशेड डेवलपमेंट, बारिश के पानी को जमा करना, जल निकायों का निर्माण और उन्हें फिर से जीवित करना, आखिरी छोर तक सिंचाई का इंफ्रास्ट्रक्चर पहुँचाना और पर्यावरण के अनुकूल खेती के तरीकों को बढ़ावा देना है। 15,000 से ज़्यादा जल संरचनाएँ बनाना और लगभग एक हज़ार गाँवों को सुरक्षित पीने का पानी उपलब्ध कराना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन हमारी असली सफलता उन खेतों में दिखती है जहाँ अब दूसरी फ़सल भी उगती है और उन बच्चों में जो अब गंदे पानी की वजह से बीमार नहीं पड़ते। हम एक &#8216;जल-सुरक्षित भारत&#8217; बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;एचडीएफसी बैंक परिवर्तन के जल संरक्षण के प्रयास एक दशक से भी ज़्यादा समय से और कई राज्यों में चल रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में, &#8216;प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन&#8217; को औपचारिक रूप से &#8216;परिवर्तन&#8217; के तहत एक खास फोकस क्षेत्र के तौर पर शामिल किया गया। इसके तहत जल संरक्षण, पेड़ लगाना, मिट्टी का स्वास्थ्य और सौर ऊर्जा जैसे विषयों को एक ही कार्यक्रम में एक साथ लाया गया है। इन प्रयासों के ज़रिए, एचडीएफसी बैंक परिवर्तन &#8216;सतत विकास लक्ष्य 6&#8217; (साफ़ पानी और स्वच्छता) और &#8216;एसडीजी 13&#8217; (जलवायु कार्रवाई) की दिशा में काम करता है, और अपने ग्रामीण विकास के एजेंडे में जल सुरक्षा को सबसे ज़्यादा महत्व देता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;&#8216;परिवर्तन&#8217;, जो एचडीएफसी बैंक का मुख्य सीएसआर कार्यक्रम है,&nbsp; मुख्य तौर पर छह क्षेत्रों- ग्रामीण विकास, शिक्षा को बढ़ावा, कौशल विकास और आजीविका में सुधार, स्वास्थ्य सेवा और स्वच्छता, वित्तीय साक्षरता और समावेशन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में विकास को बढ़ावा देता है । &#8216;परिवर्तन&#8217; ने मार्च 2025 तक 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में 10.56 करोड़ से ज़्यादा लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।&nbsp; एचडीएफसी बैंक ने &#8216;परिवर्तन&#8217; के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में सीएसआर गतिविधियों पर 1,068.03 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42554">एचडीएफसी बैंक परिवर्तन ने 15,200 से ज़्यादा जल निकायें बनाए, ग्रामीण भारत के 15 लाख परिवारों को जल सुरक्षा मिली</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एचडीएफसी बैंक के चौथी तिमाही के नतीजे: शुद्ध लाभ 9% बढ़कर 19,221 करोड़ रुपये हो गया; वित्त वर्ष 2026 के लिए 13 रुपये के लाभांश की घोषणा की गई</title>
		<link>https://divyaindianews.com/News_id/42550</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divya India News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Apr 2026 15:52:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टॉप न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[बिजनेस]]></category>
		<category><![CDATA[HDFC BANK]]></category>
		<category><![CDATA[hdfc bank news]]></category>
		<category><![CDATA[hdfc q4 results]]></category>
		<category><![CDATA[q4 results]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://divyaindianews.com/?p=42550</guid>

					<description><![CDATA[<p>भारत के अग्रणी निजी ऋणदाता एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को बताया कि उसने मार्च तिमाही में&#160;19,221&#160;करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है,&#160;जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज किए गए&#160;17,616&#160;करोड़ रुपये से&#160;9%&#160;अधिक है। ऋणदाताओं की ब्याज आय&#160;76,610&#160;करोड़ रुपये रही,&#160;जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में&#160;77,460&#160;करोड़ रुपये की तुलना में&#160;1.1%&#160;की कमी दर्शाती है। &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42550">एचडीएफसी बैंक के चौथी तिमाही के नतीजे: शुद्ध लाभ 9% बढ़कर 19,221 करोड़ रुपये हो गया; वित्त वर्ष 2026 के लिए 13 रुपये के लाभांश की घोषणा की गई</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">भारत के अग्रणी निजी ऋणदाता एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को बताया कि उसने मार्च तिमाही में&nbsp;19,221&nbsp;करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है,&nbsp;जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज किए गए&nbsp;17,616&nbsp;करोड़ रुपये से&nbsp;9%&nbsp;अधिक है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ऋणदाताओं की ब्याज आय&nbsp;76,610&nbsp;करोड़ रुपये रही,&nbsp;जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में&nbsp;77,460&nbsp;करोड़ रुपये की तुलना में&nbsp;1.1%&nbsp;की कमी दर्शाती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">निदेशक मंडल ने शेयरधारकों की स्वीकृति के अधीन, 31&nbsp;मार्च, 2026&nbsp;को समाप्त वर्ष के लिए&nbsp;1&nbsp;रुपये के अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर&nbsp;13.00&nbsp;रुपये के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है।&nbsp;इसके साथ ही,&nbsp;वित्त वर्ष&nbsp;2026&nbsp;के लिए कुल लाभांश प्रति शेयर&nbsp;15.50&nbsp;रुपये हो गया है।&nbsp;लाभांश के लिए पात्र शेयरधारकों का निर्धारण करने की रिकॉर्ड तिथि शुक्रवार, 19&nbsp;जून, 2026&nbsp;निर्धारित की गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कंपनी की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई)&nbsp;33,082&nbsp;करोड़ रुपये रही,&nbsp;जो वित्त वर्ष&nbsp;2025&nbsp;की चौथी तिमाही में&nbsp;32,006&nbsp;करोड़ रुपये की तुलना में&nbsp;3.2%&nbsp;की वृद्धि दर्शाती है।&nbsp;परिचालन लाभ&nbsp;27,802&nbsp;करोड़ रुपये रहा,&nbsp;जो पिछले वर्ष के&nbsp;26,537&nbsp;करोड़ रुपये से&nbsp;4.8%&nbsp;अधिक है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस तिमाही के लिए प्रावधान घटकर&nbsp;2,609&nbsp;करोड़ रुपये हो गया,&nbsp;जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में&nbsp;3,193&nbsp;करोड़ रुपये था,&nbsp;यानी इसमें&nbsp;18%&nbsp;की कमी आई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर,&nbsp;सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) अनुपात वित्त वर्ष&nbsp;2026&nbsp;की चौथी तिमाही में&nbsp;1.15%&nbsp;तक सुधर गया,&nbsp;जबकि वित्त वर्ष&nbsp;2026&nbsp;की तीसरी तिमाही में यह&nbsp;1.24%&nbsp;था।&nbsp;इसी प्रकार,&nbsp;शुद्ध एनपीए (एनएनपीए) अनुपात पिछली तिमाही के&nbsp;0.42%&nbsp;से घटकर&nbsp;0.38%&nbsp;हो गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कंपनी का जीएनपीए चौथी तिमाही में घटकर&nbsp;34,061.2&nbsp;करोड़ रुपये हो गया,&nbsp;जबकि पिछली तिमाही में यह&nbsp;35,179&nbsp;करोड़ रुपये था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वित्त वर्ष&nbsp;2026&nbsp;के लिए परिसंपत्तियों पर प्रतिफल&nbsp;1.94%&nbsp;रहा,&nbsp;जो पिछले वित्तीय वर्ष में दर्ज किए गए प्रतिफल से&nbsp;1.91%&nbsp;अधिक है।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42550">एचडीएफसी बैंक के चौथी तिमाही के नतीजे: शुद्ध लाभ 9% बढ़कर 19,221 करोड़ रुपये हो गया; वित्त वर्ष 2026 के लिए 13 रुपये के लाभांश की घोषणा की गई</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>फीफा वर्ल्ड कप 2026 मैच के टिकट जीतने का मौका: एचडीएफसी बैंक और वीज़ा की नई पेशकश</title>
		<link>https://divyaindianews.com/News_id/42547</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divya India News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:50:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[टॉप न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[बिजनेस]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[Best Credit Cards]]></category>
		<category><![CDATA[FIFA World Cup 2026 India Tickets]]></category>
		<category><![CDATA[HDFC BANK]]></category>
		<category><![CDATA[hdfc bank news]]></category>
		<category><![CDATA[HDFC FIFA World Cup 2026 Credit Card]]></category>
		<category><![CDATA[HDFC PayZapp FIFA offers]]></category>
		<category><![CDATA[HDFC Pixel Credit Card FIFA Edition]]></category>
		<category><![CDATA[HDFC Spend and Win Campaign]]></category>
		<category><![CDATA[Michael Owen]]></category>
		<category><![CDATA[Visa HDFC Partnership 2026]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://divyaindianews.com/?p=42547</guid>

					<description><![CDATA[<p>फीफा वर्ल्ड कप 2026&#8242; का लिमिटेड-एडिशन पिक्सल क्रेडिट कार्ड  और पूरे देश में &#8216;स्पेंड एंड विन&#8217; कैंपेन, फ़ैन्स के लिए खास अनुभव पाने का मौका मुंबई, 13 अप्रैल, 2026: वीज़ा (एनवाईएसई :वी), जो डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया की जानी-मानी कंपनी है और फीफा की ऑफ़िशियल पार्टनर भी है, ने आज भारत के सबसे बड़े प्राइवेट &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42547">फीफा वर्ल्ड कप 2026 मैच के टिकट जीतने का मौका: एचडीएफसी बैंक और वीज़ा की नई पेशकश</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>फीफा वर्ल्ड कप 2026&#8242; का लिमिटेड-एडिशन पिक्सल क्रेडिट कार्ड  और पूरे देश में &#8216;स्पेंड एंड विन&#8217; कैंपेन, फ़ैन्स के लिए खास अनुभव पाने का मौका</strong></li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मुंबई, 13 अप्रैल, 2026</strong>: वीज़ा (एनवाईएसई :वी), जो डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया की जानी-मानी कंपनी है और फीफा की ऑफ़िशियल पार्टनर भी है, ने आज भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक, एचडीएफसी बैंक के साथ &#8216;फीफा वर्ल्ड कप 2026&#8217; के लिए अपनी पार्टनरशिप का ऐलान किया। इस पार्टनरशिप के तहत वीज़ा और एचडीएफसी बैंक ने &#8216;फीफा वर्ल्ड कप 2026&#8217; का एक लिमिटेड-एडिशन &#8216;वीज़ा पिक्सल क्रेडिट कार्ड&#8217; लॉन्च किया है। इसके साथ ही, पूरे देश में एक खास &#8216;स्पेंड एंड विन&#8217; कैंपेन भी शुरू किया गया है,  जिससे भारतीय कस्टमर्स दुनिया के सबसे ज़्यादा इंतज़ार किए जाने वाले ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट के और करीब आ सकेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुंबई में एक शानदार लॉन्च इवेंट में इस ऐलान का जश्न मनाया&nbsp;गया। इस इवेंट में दुनिया भर में मशहूर फ़ुटबॉल स्टार माइकल ओवेन भी मौजूद थे, जिन्होंने &#8216;फीफा वर्ल्ड कप 2026&#8217; के रोमांच, बड़े पैमाने और ग्लोबल रुतबे को और भी खास बना दिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&#8216;फीफा वर्ल्ड कप 2026&#8217; का यह इकलौता लिमिटेड-एडिशन वीज़ा &#8211; &nbsp;पिक्सल क्रेडिट कार्ड, जो एचडीएफसी बैंक का डिजिटल-फ़र्स्ट और ऐप-बेस्ड क्रेडिट कार्ड है, आज के डिजिटल ज़माने के कस्टमर्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कार्ड तुरंत जारी हो जाता है, इसमें अपनी पसंद के हिसाब से बदलाव किए जा सकते हैं और डिजिटल पेमेंट्स भी बिना किसी रुकावट के हो जाते हैं। फीफा की थीम वाला यह कार्ड 11 अप्रैल से एचडीएफसी बैंक के मौजूदा पिक्सल प्ले कस्टमर्स के साथ-साथ पिक्सल प्ले के नए आवेदकों के लिए भी उपलब्ध होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>एचडीएफसी बैंक के पेमेंट पोर्टफोलियो में फीफा&nbsp; की साझेदारी &#8211;</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">यह ऐतिहासिक साझेदारी अब एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को, उनके सभी कार्ड पोर्टफोलियो, जिनमें क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और बिज़नेस कार्ड शामिल हैं, के ज़रिए &#8216;फीफा वर्ल्ड कप 2026&#8217; का मैच लाइव देखने का मौका देती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">फीफा के साथ वीज़ा&nbsp; की लंबे समय से चली आ रही वैश्विक साझेदारी और वीज़ा के सुरक्षित, हर जगह स्वीकार किए जाने वाले पेमेंट नेटवर्क द्वारा समर्थित, यह पहल रोज़मर्रा के पेमेंट्स को फुटबॉल के यादगार अनुभवों में बदल देती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>&#8216;खर्च करें और जीतें&#8217; (स्पेंड एंड विन) कैंपेन फीफा के ऐसे इनाम जो जीवन में एक बार ही मिलते हैं &#8211;</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इस साझेदारी का मुख्य आकर्षण एक खास &#8216;खर्च करें और जीतें&#8217; (स्पेंड एंड विन) कैंपेन है। यह कैंपेन एचडीएफसी बैंक के कार्ड पोर्टफोलियो,जिसमें क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, बिज़नेस कार्ड और फॉरेक्स प्रीपेड कार्ड शामिल हैं, के लिए चलाया जा रहा है। इस कैंपेन के तहत, तय शर्तों के अनुसार खर्च करने पर ग्राहकों को कई शानदार इनाम जीतने का मौका मिलता है; इन इनामों में &#8216;फीफा वर्ल्ड कप 2026&#8217; के मैच पैकेज, फीफा-थीम वाले स्टेकेशन, फीफा का आधिकारिक मर्चेंडाइज़, और शॉपिंग व लाइफस्टाइल वाउचर शामिल हैं। यह कैंपेन फुटबॉल प्रशंसकों को सिर्फ़ मैच के दिनों तक ही सीमित न रखते हुए, टूर्नामेंट के साथ और भी गहरे स्तर पर जुड़ने का अवसर देता है, जिसके ज़रिए फुटबॉल के प्रति उनके जुनून को रोज़मर्रा के खर्चों और डिजिटल पेमेंट्स के साथ जोड़ा जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><br><strong>एचडीएफसी बैंक के ग्रुप हेड, ब्रांच बैंकिंग, पेमेंट्स, ट्रेजरी, लायबिलिटी प्रोडक्ट्स, मार्केटिंग, वर्चुअल चैनल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर- आशीष पार्थसारथी ने कहा</strong>, “भारत के सबसे बड़े क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता के तौर पर, हमें वीज़ा&nbsp;के साथ साझेदारी करके लाखों ग्राहकों के लिए फीफा वर्ल्ड कप का रोमांच और डिजिटल पेमेंट्स की आसान सुविधा एक साथ लाने में खुशी हो रही है। इस सहयोग के ज़रिए, हम खास सुविधाओं और अपने खास तौर पर बनाए गए लिमिटेड-एडिशन एचडीएफसी बैंक पिक्सल प्ले क्रेडिट कार्ड&nbsp; के साथ प्रशंसकों के अनुभव को और बेहतर बना रहे हैं। हम अपने कार्डधारकों को टूर्नामेंट से जुड़ने, फुटबॉल के प्रति अपने जुनून का जश्न मनाने और &#8216;फीफा वर्ल्ड कप-&nbsp;2026&#8217; के दौरान बेहतरीन फ़ायदों का आनंद लेने के बेजोड़ अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इस लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, वीज़ा &nbsp;इंडिया के कंट्री मैनेजर, ऋषि छाबड़ा ने कहा,</strong>&nbsp;“ फीफा के साथ वीज़ा की लंबे समय से चली आ रही वैश्विक साझेदारी के साथ, हमें &#8216;फीफा वर्ल्ड कप 2026&#8243; का रोमांच पूरे भारत में प्रशंसकों तक एक सच्चे समावेशी तरीके से पहुँचाने पर गर्व है। एचडीएफसी बैंक के साथ हमारा राष्ट्रव्यापी सहयोग रोज़मर्रा के भुगतानों को सभी कार्ड पोर्टफोलियो में&nbsp; असाधारण वैश्विक अनुभवों के लिए पहुँच के बिंदुओं में बदल देता है। इसका उद्देश्य दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों को भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुलभ, सुरक्षित और फायदेमंद बनाना है।”</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>फीफा वर्ल्ड कप&nbsp; को स्टेडियम से बाहर लाना &#8211;</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा और सबसे समावेशी संस्करण बनने जा रहा, &#8216;फीफा वर्ल्ड कप 2026&#8217; दुनिया भर में सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले खेल आयोजनों में से एक होने की उम्मीद है। इस पहल के माध्यम से, वीज़ा और एचडीएफसी बैंक नवाचार, उपभोक्ता जुड़ाव और खेल-आधारित अनुभवों के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को मज़बूत करते हैं, जिससे वैश्विक खेल, डिजिटल भुगतान और जीवनशैली पुरस्कारों के संगम पर उनका नेतृत्व और सुदृढ़ होता है। साथ मिलकर, वीज़ा और एचडीएफसी बैंक यह फिर से परिभाषित कर रहे हैं कि भारतीय प्रशंसक &#8216;फीफा वर्ल्ड कप 2026&#8217; का अनुभव कैसे करते हैं, उन्हें खेल, उसकी शान और उन पलों के और करीब ला रहे हैं जो सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कहाँ अप्लाई&nbsp; करें &#8211;</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">मौजूदा पिक्सल प्ले ग्राहक &#8211; पिक्सल ऐप &#8216;पेजैप&#8217; के ज़रिए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">नए आवेदक &#8211; पेजैप डाउनलोड करके या एचडीएफसी बैंक की वेबसाइट के ज़रिए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42547">फीफा वर्ल्ड कप 2026 मैच के टिकट जीतने का मौका: एचडीएफसी बैंक और वीज़ा की नई पेशकश</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अनिश्चित वैश्विक माहौल में आरबीआई का &#8216;वेट एंड वॉच&#8217; अप्रोच</title>
		<link>https://divyaindianews.com/News_id/42543</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divya India News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 11:48:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[टॉप न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[बिजनेस]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[Geopolitical uncertainty impact on RBI]]></category>
		<category><![CDATA[HDFC BANK]]></category>
		<category><![CDATA[hdfc bank latest news]]></category>
		<category><![CDATA[hdfc bank news]]></category>
		<category><![CDATA[RBI inflation forecast FY27]]></category>
		<category><![CDATA[RBI Monetary Policy]]></category>
		<category><![CDATA[RBI Repo Rate Unchanged]]></category>
		<category><![CDATA[RBI stance on Indian Rupee stability]]></category>
		<category><![CDATA[RBI wait and watch approach]]></category>
		<category><![CDATA[Sakshi Gupta HDFC Bank]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://divyaindianews.com/?p=42543</guid>

					<description><![CDATA[<p>अनिश्चित भू-राजनीतिक परिदृश्य की पृष्ठभूमि में,&#160;आरबीआई ने आज अपनी नीति में प्रतिक्रियावादी होने के बजाय धैर्य रखने का विवेकपूर्ण विकल्प चुना और अपने रुख और नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखा।&#160;नीति का रुख संतुलित था और इसमें किसी भी प्रकार की आक्रामक नीति से परहेज किया गया था। जैसा कि हमने उम्मीद की थी,&#160;इस समय कोई &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42543">अनिश्चित वैश्विक माहौल में आरबीआई का &#8216;वेट एंड वॉच&#8217; अप्रोच</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">अनिश्चित भू-राजनीतिक परिदृश्य की पृष्ठभूमि में,&nbsp;आरबीआई ने आज अपनी नीति में प्रतिक्रियावादी होने के बजाय धैर्य रखने का विवेकपूर्ण विकल्प चुना और अपने रुख और नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखा।&nbsp;नीति का रुख संतुलित था और इसमें किसी भी प्रकार की आक्रामक नीति से परहेज किया गया था। जैसा कि हमने उम्मीद की थी,&nbsp;इस समय कोई भी चरम या अप्रत्याशित उपाय घोषित नहीं किए गए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति के बढ़ते जोखिमों को स्वीकार करते हुए (ऊर्जा की उच्च लागत के कारण) वित्त वर्ष&nbsp;2027&nbsp;के लिए अपने पूर्वानुमान को बढ़ा दिया है,&nbsp;जबकि विकास को लेकर सतर्कता बरती है।&nbsp;हालांकि,&nbsp;इस दृष्टिकोण को इस तथ्य की पुनरावृत्ति से संतुलित किया गया कि युद्ध से पहले अर्थव्यवस्था मजबूत बुनियादी स्थिति में थी,&nbsp;जो वर्तमान पश्चिम एशियाई झटके के प्रति अर्थव्यवस्था की अवशोषक क्षमता को बढ़ाती है।&nbsp;इसके अलावा,&nbsp;आरबीआई ने संकेत दिया कि मुद्रास्फीति के शुरुआती बिंदु भी आरामदायक हैं,&nbsp;जिसका अर्थ है कि वित्त वर्ष&nbsp;2027&nbsp;में मुद्रास्फीति आरबीआई के लक्ष्य सीमा के भीतर रह सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रुपये के संबंध में की गई टिप्पणियों से आरबीआई द्वारा किसी भी तरह के अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए मजबूत आत्मविश्वास का भी पता चलता है,&nbsp;साथ ही रुपये के किसी विशेष स्तर को लक्षित न करने के अपने रुख को भी बरकरार रखा गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष&nbsp;2027&nbsp;में मुद्रास्फीति&nbsp;4.9%&nbsp;और विकास दर&nbsp;6.8-7%&nbsp;रहेगी,&nbsp;यह मानते हुए कि वर्तमान संघर्ष अल्पकालिक है और वर्तमान युद्धविराम कायम है।&nbsp;इस परिदृश्य में वित्त वर्ष&nbsp;2027&nbsp;तक नीतिगत दर अपरिवर्तित रह सकती है। आने वाले दिनों में रुपये में कुछ स्थिरता आ सकती है और&nbsp;10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में भी कुछ नरमी आ सकती है,&nbsp;जिससे&nbsp;6.8-7%&nbsp;की सीमा बनने की संभावना है।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42543">अनिश्चित वैश्विक माहौल में आरबीआई का &#8216;वेट एंड वॉच&#8217; अप्रोच</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>विश्व स्वास्थ्य दिवस पर आईएमए (IMA) लखनऊ का बड़ा आयोजन, विशेषज्ञों ने साझा किए चिकित्सा जगत के नवीनतम अनुभव</title>
		<link>https://divyaindianews.com/News_id/42540</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divya India News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 15:06:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[Continuing Medical Education (CME)]]></category>
		<category><![CDATA[Dr. Rajiv Goyal IMA]]></category>
		<category><![CDATA[Expert Medical Lectures]]></category>
		<category><![CDATA[Healthcare Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[IMA]]></category>
		<category><![CDATA[IMA Lucknow]]></category>
		<category><![CDATA[IMA Lucknow news]]></category>
		<category><![CDATA[IMA UP State Event]]></category>
		<category><![CDATA[Medical Advances & Clinical Practice]]></category>
		<category><![CDATA[Medical Conference Lucknow]]></category>
		<category><![CDATA[State-level Refresher Course]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://divyaindianews.com/?p=42540</guid>

					<description><![CDATA[<p>लखनऊ, 5 अप्रैल 2026: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), लखनऊ द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आईएमए भवन, लखनऊ में राज्य स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स एवं सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह दिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रम प्रातः 9:00 बजे प्रारंभ हुआ, जबकि औपचारिक उद्घाटन दोपहर 1:20 बजे सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42540">विश्व स्वास्थ्य दिवस पर आईएमए (IMA) लखनऊ का बड़ा आयोजन, विशेषज्ञों ने साझा किए चिकित्सा जगत के नवीनतम अनुभव</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>लखनऊ, 5 अप्रैल 2026:</strong> इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), लखनऊ द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आईएमए भवन, लखनऊ में राज्य स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स एवं सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह दिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रम प्रातः 9:00 बजे प्रारंभ हुआ, जबकि औपचारिक उद्घाटन दोपहर 1:20 बजे सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में चिकित्सकों एवं चिकित्सा पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम में आईएमए उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रख्यात शल्य चिकित्सक डॉ. राजीव गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर आईएमए उत्तर प्रदेश के आगामी सत्र के अध्यक्ष-निर्वाचित डॉ. रविश अग्रवाल तथा आईएमए यूपी स्टेट, जोन-3 के उपाध्यक्ष डॉ. वी.के. त्रिपाठी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आईएमए लखनऊ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार अस्थाना ने कहा कि इस रिफ्रेशर कोर्स एवं सीएमई का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को क्लिनिकल प्रैक्टिस में नवीनतम प्रगति से अवगत कराना तथा विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में सतत अधिगम को बढ़ावा देना है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वैज्ञानिक सत्रों का संचालन वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. संजय श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि समन्वय की जिम्मेदारी वैज्ञानिक सचिव डॉ. अर्चिका गुप्ता ने निभाई। आईएमए लखनऊ की मानद सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं संयोजन किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सीएमई में समसामयिक एवं महत्वपूर्ण चिकित्सा विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान और विचार-विमर्श आयोजित किए गए। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ताओं में डॉ. निरुपमा पाण्डेय, डॉ. राजीव सक्सेना, डॉ. अरुण पाण्डेय, डॉ. शाश्वत सक्सेना, डॉ. अभिनव श्रीवास्तव, डॉ. अर्चिका गुप्ता, डॉ. आर.बी. सिंह, डॉ. नीरज टंडन, डॉ. शशांक निगम, डॉ. दीपक दीवान, डॉ. अचल गुप्ता, डॉ. इमरान अख्तर, डॉ. संजय श्रीवास्तव, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. सूर्यकांत, डॉ. नईम अहमद शेख, डॉ. के.पी. चंद्रा, डॉ. राहुल यादव, डॉ. विजयंत सिंह, डॉ. अजय तिवारी, डॉ. राकेश श्रीवास्तव, डॉ. विवेक सक्सेना, डॉ. प्रांजल अग्रवाल, डॉ. तन्वी पालिवाल, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. अमलांशु रमण, डॉ. श्वेता श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष शर्मा तथा डॉ. पूजा गुप्ता शामिल रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सत्रों में किशोरियों एवं महिलाओं में मासिक धर्म स्वच्छता और पोषण, पुरुष बांझपन प्रबंधन, कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम, अवसाद से जुड़े मिथक, कैंसरजनित दर्द का प्रबंधन, न्यूरोलॉजी एवं लो बैक पेन, बच्चों में पेट दर्द, चिकित्सा शिक्षा की प्रगति, सिर एवं गर्दन के कैंसर का प्रबंधन, सीकेडी की पहचान एवं स्टेजिंग तथा आरआरटी की विधियां, स्पाइन सर्जरी में प्रगति, जॉइंट रिप्लेसमेंट, मिस्ड इंजरीज़, चिकित्सा अभ्यास में सॉफ्ट स्किल्स, पल्मोनरी एवं टीबी अपडेट्स, पल्मोनरी इनसाइट्स, पर्वतारोहण का चिकित्सीय दृष्टिकोण, मधुमेह में ओरल सेमाग्लूटाइड, यूरोलॉजी में रोबोटिक्स, कार्डियक सर्जरी में प्रगति, मधुमेह प्रबंधन, विटामिन-डी सप्लीमेंटेशन, बर्न्स एवं एलोपेसिया, डॉक्टरों और अस्पतालों के लिए समग्र बीमा योजना, बचपन में मायोपिया, डायबिटिक रेटिनोपैथी, सूचित सहमति, प्रसवोत्तर रक्तस्राव प्रबंधन, फैमिली मेडिसिन टीम कॉन्सेप्ट तथा बढ़ती प्रजनन संबंधी समस्याएं जैसे विषयों पर चर्चा हुई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आईएमए लखनऊ ने उन मॉडरेटर्स एवं सहयोगी समन्वयकों के योगदान की भी सराहना की, जिनकी सक्रिय भूमिका से शैक्षणिक सत्रों का संचालन सुचारु रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. शितांशु, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. शास्वत सक्सेना, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. अमित मदान, डॉ. नईम, डॉ. अमित अग्रवाल तथा डॉ. तन्वी पालिवाल का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इनके योगदान से कार्यक्रम अधिक सुव्यवस्थित, संवादात्मक और शैक्षणिक दृष्टि से समृद्ध बना।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. राजीव गोयल ने स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य, आधुनिक तकनीकों की भूमिका तथा चिकित्सा समुदाय और जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाने में आईएमए के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आईएमए लखनऊ ने इस सफल एवं ज्ञानवर्धक आयोजन के लिए सभी वक्ताओं, अध्यक्षों, मॉडरेटर्स, प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com/News_id/42540">विश्व स्वास्थ्य दिवस पर आईएमए (IMA) लखनऊ का बड़ा आयोजन, विशेषज्ञों ने साझा किए चिकित्सा जगत के नवीनतम अनुभव</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://divyaindianews.com">Divya India News</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/

Object Caching 0/0 objects using disk
Page Caching using disk: enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: divyaindianews.com @ 2026-06-26 19:17:54 by W3 Total Cache
-->