
नई दिल्ली। क्या आप भी फिट रहने के लिए बरसों से सिर्फ एक ही तरह की कसरत या वॉक कर रहे हैं? अगर हां, तो अब वक्त है अपनी आदत बदलने का।
एक बेहद रोचक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि अगर आप लंबी उम्र पाना चाहते हैं, तो एक ही रूटीन से चिपके रहना काफी नहीं है। विज्ञान अब कहता है कि कसरत में ‘वैरायटी’ लाना ही सेहत की असली चाबी है।
क्या कहता है नया शोध?
हाल ही में ‘ब्रिटिश मेडिकल जर्नल’ में प्रकाशित एक शोध ने यह साबित किया है कि जो लोग नियमित रूप से अलग-अलग तरह की शारीरिक गतिविधियों (जैसे कसरत, पैदल चलना, जॉगिंग आदि) में शामिल होते हैं, उनका जीवनकाल बढ़ सकता है।
यह अध्ययन अमेरिका की मशहूर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और चीन की चोंगकिंग मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि शारीरिक गतिविधि हमेशा से ही अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जानी जाती है, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि अलग-अलग तरह की गतिविधियों का मिश्रण स्वास्थ्य पर और भी गहरा असर डालता है।
एक ही तरह की कसरत काफी नहीं
इस अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि बार-बार एक ही तरह की गतिविधि या व्यायाम करने के बजाय, अगर आप विभिन्न प्रकार की शारीरिक गतिविधियों का मिश्रण अपनाते हैं, तो मृत्यु का जोखिम काफी कम हो सकता है।
शोध के अनुसार, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने गतिविधि में कितना समय बिताया, मुख्य बात यह है कि आपने अपनी दिनचर्या में अलग-अलग तरह के व्यायामों को शामिल किया हो।
30 साल तक चला यह अध्ययन
इस शोध की विश्वसनीयता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह अध्ययन 30 वर्षों तक चला। इसमें बहुत बड़े पैमाने पर लोगों को शामिल किया गया
- 70,700 से अधिक महिलाएं
- 40,600 से अधिक पुरुष
अध्ययन की शुरुआत में ये सभी प्रतिभागी पूरी तरह स्वस्थ थे और इन्हें हार्ट डिजीज, डायबिटीज या कैंसर जैसी कोई बीमारी नहीं थी। 30 सालों तक इन लोगों की शारीरिक गतिविधियों पर नजर रखी गई।
पुरुष और महिलाओं की पसंद में अंतर
अध्ययन के दौरान यह भी देखा गया कि दोनों समूहों (पुरुष और महिला) में ‘पैदल चलना’ एक बहुत ही सामान्य गतिविधि थी। हालांकि, कसरत के तरीकों में थोड़ा अंतर भी पाया गया। महिलाओं की तुलना में पुरुष जॉगिंग और दौड़ने जैसी गतिविधियों में ज्यादा शामिल थे।
यह शोध हमें बताता है कि स्वस्थ और लंबे जीवन के लिए हमें अपनी फिटनेस रूटीन में बदलाव लाते रहना चाहिए। केवल पैदल चलने या केवल जिम जाने के बजाय, विभिन्न गतिविधियों का संतुलन बनाना ही लंबी उम्र की चाबी है।





