गणतंत्र दिवस पर विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन, राष्ट्र और सनातन संरक्षण का संकल्प

लखनऊ। 76वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर कमल पार्क, इंदिरा नगर में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण, राष्ट्रगीत, संविधान की शपथ, दीप प्रज्वलन, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, भारत माता एवं महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ।

इसके उपरांत वृक्षारोपण तथा बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनभावन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समूचे वातावरण को देशभक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत कर दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनंत श्री विभूषित मंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी अभयानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। भारतीय संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है।

प्रेरक उद्बोधन में श्री अनिल जी, विभाग प्रचारक, लखनऊ विभाग (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने कहा कि समाज में सांस्कृतिक चेतना, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के भाव को सशक्त करना समय की आवश्यकता है।

संत समाज की ओर से स्वामी भास्करानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म ही भारत की आत्मा है और इसकी रक्षा से ही राष्ट्र सुरक्षित रह सकता है।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, अवध प्रांत के संयोजक श्री प्रमिल द्विवेदी ने विराट हिंदू सम्मेलन में सहभागिता कर संगठनात्मक सक्रियता एवं राष्ट्रनिष्ठा का परिचय दिया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. अनु शर्मा, संस्थापक निदेशक, ग्रीन बायोटेक ने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।

ख्याति प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के अवध प्रांत संयोजक प्रमिल द्विवेदी ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित यह विराट हिंदू सम्मेलन पंच परिवर्तनों के साथ आगे बढ़ रहा है, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय सरोकारों को जन-जन तक पहुंचाने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

प्रख्यात समाजसेवी अरुण सिंह ने कहा कि संगठित समाज ही राष्ट्र को सशक्त बना सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती कल्पना सिंह ने की।

इस अवसर पर शकल हिंदू समाज की ओर से इंदिरा नगर रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष श्री राजकिशोर सिंह ने कहा कि “विराट हिंदू सम्मेलन तो एक बहाना है, हमारा वास्तविक लक्ष्य सनातन धर्म और राष्ट्र की रक्षा है।”

इस अवसर पर स्वामी भास्करानंद सरस्वती जी महाराज एवं श्री राजकिशोर सिंह द्वारा नगर निगम सफाई विभाग, उद्यान विभाग के कर्मचारियों तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

अंत में श्री राजकिशोर सिंह ने विराट हिंदू सम्मेलन में पधारे सभी अतिथियों एवं देवतुल्य शकल हिंदू समाज के बंधुवर एवं मातृशक्ति का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने विशेष रूप से श्री हरि नारायण मिश्रा, श्री प्रमिल द्विवेदी, श्री आर. पी. पांडे, श्री कनौजिया जी, श्रीमती अरुणा सिंह, श्रीमती नीतू सिंह, श्री सी. के. प्रसाद, श्री वेद प्रकाश राय एवं श्री विजय यादव का धन्यवाद ज्ञापित किया।

विराट हिंदू सम्मेलन का सफल संचालन लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ।

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