
लखनऊ, 19 अक्टूबर 2026: एचडीएफसी बैंक ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में 19,510 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 4.7 प्रतिशत अधिक है। बैंक के मुनाफे में वृद्धि के साथ शुद्ध ब्याज आय, जमा और ऋण वितरण में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बैंक का शुद्ध राजस्व बढ़कर 48,450 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 45,900 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज आय 9.7 प्रतिशत बढ़कर 34,620 करोड़ रुपये पहुंच गई। कुल परिसंपत्तियों के आधार पर शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.16 प्रतिशत रहा। ट्रेजरी ट्रेडिंग लाभ को छोड़कर बैंक के शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर लगभग 12.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
बैंक की कुल जमा राशि में सालाना आधार पर 18.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 33.27 लाख करोड़ रुपये हो गई। वहीं, सकल अग्रिम ऋण 16.3 प्रतिशत बढ़कर 32.20 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। ऋण वितरण में लघु एवं मध्यम बाजार उद्यमों का योगदान प्रमुख रहा, जिनके ऋण में 23.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कॉरपोरेट एवं थोक ऋण 16.4 प्रतिशत और खुदरा ऋण 11.7 प्रतिशत बढ़े।
परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला। 30 सितंबर 2026 तक सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (जीएनपीए) घटकर सकल अग्रिम ऋण का 1.11 प्रतिशत रह गईं, जबकि एक वर्ष पहले यह अनुपात 1.24 प्रतिशत था। बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 18.9 प्रतिशत रहा, जो 11.9 प्रतिशत की नियामकीय आवश्यकता से काफी अधिक है।
शाखाओं और एटीएम नेटवर्क का विस्तार
30 सितंबर 2026 तक एचडीएफसी बैंक का नेटवर्क बढ़कर 4,177 शहरों और कस्बों में 9,706 शाखाओं तथा 20,881 एटीएम तक पहुंच गया। बैंक की कुल शाखाओं में से 50 प्रतिशत अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं।
30 सितंबर 2026 को समाप्त छह माह की अवधि में बैंक का एकल शुद्ध लाभ 4.8 प्रतिशत बढ़कर 38,570 करोड़ रुपये रहा। वहीं, समेकित आधार पर दूसरी तिमाही का शुद्ध राजस्व 78,690 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 20,700 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
बैंक के निदेशक मंडल ने 17 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित बैठक में दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी। इन खातों की बैंक के वैधानिक लेखा परीक्षकों द्वारा सीमित समीक्षा की गई है।





