सेहत बनाने के चक्कर में किडनी कर रहे खराब! Vit-D के ओवरडोज से बढ़ रहा पथरी का खतरा

नई दिल्ली। दुनियाभर में क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। जीवनशैली और खान-पान की गड़बड़ी ने जिन अंगों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, किडनी उनमें से एक हैं।

किडनी से संबंधित बीमारियां पहले उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्याएं मानी जाती थीं। हालांकि अब कम उम्र वाले, यहां तक कि बच्चों में भी किडनी की बीमारी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में किडनी स्टोन (पथरी) गंभीर बीमारी बनकर उभरी है।

खराब खान-पान से किडनी स्टोन का खतरा

अगर किसी बीमारी के कारण किडनी सही से काम न करे तो इससे विषैले तत्व जमा होने लगते हैं। जिन लोगों का खानपान ठीक नहीं रहता है उनमें किडनी स्टोन होने का खतरा अधिक देखा जाता है।

किडनी में किसी समस्या के कारण जब कैल्शियम आक्सलेट, यूरिक एसिड जैसे पदार्थ ठीक तरीक से फिल्टर होकर शरीर से बाहर नहीं निकल पाते हैं तो इनके छोटे-छोटे क्रिस्टल मिलकर पथरी बनाने लगते हैं। पथरी के कारण अत्यधिक दर्द और असहजता हो सकती है।

कैल्शियम और विटामिन-डी की ज्यादा मात्रा से खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि कैल्शियम और विटामिन-डी का ज्यादा मात्रा में और लंबे समय तक एक साथ सेवन करने से किडनी में पथरी होने का खतरा बढ़ सकता है।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि विटामिन-डी का स्तर ज्यादा होने पर शरीर में कैल्शियम का अवशोषण भी ज्यादा होने लगता है, जिससे पेशाब में कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है।

इसे हाइपरकैल्सीयूरिया कहते हैं और इसी वजह से ऐसे लोगों में पथरी बनने का खतरा भी बढ़ जाता है। वैसे तो संतुलित मात्रा में और डाक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स लेना सुरक्षित है, पर इसकी ज्यादा डोज या लंबे समय तक सप्लीमेट्स लेने से जोखिम बढ़ सकता है।

क्या है निदान?

इसके निदान के लिए अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट और यूरिन टेस्ट माध्यम से जांच की जाती है। उपचार के लिए दर्द निवारक और पथरी को घोलने / बाहर निकालने वाली दवाएं ली जाती हैं। आवश्यक होने पर सर्जरी की जाती है। इसमें आधुनिक लेजर सर्जरी से जल्दी छुट्टी मिल जाती है।

डिसक्लेमर: उपरोक्त जानकारी के पूर्ण सत्य होने का हमारा दावा नहीं है. अपनाने से पहले सम्बंधित विशेषज्ञ से अवश्य सम्पर्क करें।

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