
लखनऊ। शीत ऋतु के दौरान प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता कम रहने से सामान्य से कम वर्षा हुई। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से एक से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
अब मार्च के प्रथम सप्ताह के शुरुआती तीन-चार दिनों में में प्रदेश में 25-35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज उत्तरी-पश्चिमी हवाएं चलेंगी।
इससे तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन सप्ताह के अंत में अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने के आसार हैं।
25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी हवा
मौसम विज्ञानी डॉक्टर अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मार्च में प्रदेश के ज्यादातर भाग में औसत मासिक अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा।
हालांकि उष्ण लहर नहीं चलने के बावजूद आगामी ग्रीष्म ऋतु (मार्च-अप्रैल-मई) के दौरान औसत अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
इसके दृष्टिगत ग्रीष्म ऋतु के उत्तरार्द्ध में पूर्वांचल समेत प्रदेश के तराई इलाकों में लू के दिनों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना है।
प्रदेश के एक तिहाई से अधिक जिलों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक
अतुल कुमार ने बताया कि आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान औसत मासिक न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
मार्च के प्रथम सप्ताह के शुरुआती तीन-चार दिनों के दौरान प्रदेश में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी।
प्रदेश में रविवार को एक तिहाई से अधिक जिलों का अधिकतम तामपान में 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। लखनऊ का तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस से 2.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा।





