पाकिस्तान: क्या है इमरान खान की मौत का सच, क्यों दो साल से जेल में बंद हैं पूर्व PM?

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में उस वक्त सियासी बवाल मच गया, जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत का दावा किया गया। इमरान पिछले तीन साल से पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद हैं।

परिवार ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन उन्हें इमरान से मिलने नहीं दे रहा है। इसके बाद परिवार ने जेल में ही उनकी हत्या करने का आरोप लगाया।

पाकिस्तान सरकार ने इन सभी दावों के खारिज करते हुए कहा इमरान खान की हालत स्थिर है और वह अभी भी जेल में हैं।

इसके बाद परिवार वालों के सिर्फ एक ही सवाल है कि अगर वे ठीक हैं तो कोर्ट से ऑर्डर के बाद भी उन्हें इमरान से मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा है?

मौत का दावा किसने किया?

अफगानिस्तान टाइम्स नाम के एक्स अकाउंट ने बुधवार 26 नवंबर को सोशल मीडिया पर इमरान की मौत की खबर साझा की।

इस पोस्ट में दावा किया गया कि इमरान खान को “रहस्यमयी तरीके से मार दिया गया है” और उनकी “बॉडी को जेल से बाहर ले जाया गया है।”

इसके बाद इमरान के हजारों समर्थक और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सदस्य अदियाला जेल के बाहर जाम हो गए। इसके बार उनकी मौत का खबर सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने लगी।

इमरान के परिवार का क्या आरोप है?

इमरान खान के बेटे कासिम खान ने 27 नवंबर को एक्स पर एक पोस्ट किया। पोस्ट में इमरान खान की तस्वीर थी। इसके साथ कासिम ने कहा कि इमरान खान को तमाम अदालती आदेशों के बावजूद बुनियादी अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं।

उन्होंने लिखा, ‘उनकी बहनों को मिलने नहीं दिया गया। न फोन किया गया, न मुलाकात हुई और न ही उनके जिंदा होने का कोई सबूत मिला।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा और मेरे भाई का अपने पिता से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।’

सरकार ने कहा इमरान खान ठीक हैं

इमरान खान की मौत की अफवाह लगातार तेज हो रही है। देश विदेश की मीडिया लगातार इसे लेकर खबरें छाप रही है। इसी बीच पाकिस्तान के अधिकारियों और यहां तक कि उनकी पार्टी पीटीआई ने भी साफ किया कि वह जिंदा हैं।

पाकिस्तान प्रधानमंत्री के पॉलिटिकल मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने पाकिस्तानी अखबार डॉन को बताया कि पूर्व PM “ठीक हैं और उनके साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ है”।

जियो न्यूज़ पर एक इंटरव्यू के दौरान, गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि जेल अधिकारियों ने इमरान की हालत के बारे में पहले की साफ कर दिया है। “ये खबरें पूरी तरह से झूठी हैं, और इन पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

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