JNU में संग्राम: दिल्ली पुलिस का पुतला फूंकने जुटे छात्र, कैंपस के बाहर हाई सिक्योरिटी अलर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर से सुर्खियों में है। जेएनयू वाइस चांसलर के कथित जातिवादी कमेंट्स और यूजीसी रेगुलेशन लागू करने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद माहौल गरमाया हुआ है।

छात्रों को हिरासत और गिरफ्तार करने के विरोध में एक बार फिर जेएनयू के बाहर माहौल गरमाया हुआ है। वहीं, रात में छात्र दिल्ली पुलिस का पुतला जलाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से मौके पर हाई सिक्योरिटी कर दी गई है।

14 छात्रों को किया गिरफ्तार

जेएनयू परिसर के बाहर प्रदर्शन को लेकर झड़प मामले में पुलिस ने छात्र संघ अध्यक्ष समेत 14 छात्रों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने छात्रों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, चोट पहुंचाने आदि धाराओं में केस दर्ज किया था। पकड़े गए छात्रों में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार, उपाध्यक्ष गोपिका के बाबू व संयुक्त सचिव दानिश अली शामिल हैं।

कोर्ट में पेश किया, मिली जमानत

पुलिस ने पकड़े गए छात्रों को शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई।

पुलिस के मुताबिक, जेएनयू छात्रसंघ ने गुरुवार को विरोध मार्च का आह्वान किया था। छात्र जेएनयू से शिक्षा मंत्रालय तक विरोध मार्च निकालना चाहते थे। करीब 400 से 500 छात्र परिसर के बाहर निकल आए।

छात्रों को बताया गया कि जेएनयू प्रशासन की तरफ से इस तरह के विरोध मार्च की अनुमति नहीं है। इसलिए वह कैंपस तक सीमित रहें।

पुलिस द्वारा लगातार बातचीत और अपील करने के बाद भी छात्र विरोध मार्च निकालने पर अड़े रहे। रोके जाने पर छात्रों ने बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाया। पुलिसकर्मियों पर बैनर, डंडे व चप्पल फेंकी गईं।

पुलिस वालों से मारपीट करने के अलावा उन्हें दांत से भी काटा गया। छात्रों के इस उग्र प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने इस संबंध में बीएनएस की धारा 221, 121(1), 132, 3(5) के तहत वसंतकुंज उत्तर थाने में एफआइआर दर्ज की।

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