‘PM मोदी डरे हैं, इसीलिए संसद नहीं आए’; लोकसभा में प्रधानमंत्री का संबोधन टलने पर बोले राहुल गांधी

नई दिल्ली। लोकसभा में हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा का संबोधन नहीं कर सके। इस पर राहुल गांधी ने हमला बोलते हुए कहा कि पीएम मोदी डर की वजह से सदन नहीं आए। उन्होंने एक्स पर वीडियो साझा कर पहले ही यह दावा किया था।

संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित संबोधन हंगामे के कारण नहीं हो सका।

इसी मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी सच्चाई का सामना करने से डर रहे हैं, इसलिए सदन में नहीं आए।

राहुल गांधी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो और बयान भी साझा किया। इस वीडियो में वो पहले ही ये बात कह चुके थे।

राहुल गांधी किस वीडियो का किया जिक्र?

राहुल गांधी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर कहा कि जैसा उन्होंने पहले कहा था, पीएम मोदी लोकसभा नहीं आएंगे। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री डरे हुए हैं और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते।

साझा किए गए वीडियो में राहुल गांधी दोपहर के समय कहते दिख रहे हैं कि उन्हें लगता है कि पीएम सदन में नहीं आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पीएम आते तो वह उन्हें एक किताब सौंपते और उस पर चर्चा की मांग करते।

क्यों नहीं हो सका प्रधानमंत्री का संबोधन?

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा चल रही थी, जिसका जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना था लेकिन सदन में लगातार हंगामा जारी रहा।

पीठासीन सभापति संध्या राय ने शाम पांच बजे कार्यवाही शुरू करते समय सांसदों से सदन चलने देने की अपील की, फिर भी विरोध जारी रहा। शोर-शराबे के बीच प्रधानमंत्री अपना वक्तव्य पेश नहीं कर सके और संबोधन टल गया।

प्रधानमंत्री आएंगे तो उन्हें किताब भेंट करूंगा- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक और एक्स पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि अगर प्रधानमंत्री संसद में आते तो वह उन्हें पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की एक किताब भेंट करते।

राहुल गांधी ने दावा किया कि यह किसी विपक्षी नेता या विदेशी लेखक की नहीं, बल्कि देश के पूर्व सेना प्रमुख की किताब है। हालांकि, पीयूष गोयल ने पलटवार करते हुए कहा था कि ये किताब अभी छपी नहीं है।

राहुल गांधी के अनुसार किताब में लिखा है कि जब चीनी सेना सीमा में घुसी थी, तब सेना प्रमुख को इंतजार कराया गया और निर्णय की घड़ी में प्रधानमंत्री ने जिम्मेदारी सेना पर छोड़ दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे पर राजनीतिक नेतृत्व पीछे हट गया। राहुल गांधी ने कहा कि यही बातें वह संसद में उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने से रोका गया और सरकार जवाब देने से बच रही है।

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