
मुंबई। मनोज बाजपेयी की फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। इस वजह से नेटफ्लिक्स ने इसका टीजर भी वेबसाइट से हटा दिया। दरअसल लोगों को पंडित शब्द से आपत्ति है जिसकी वजह से इसको लेकर जगह-जगह प्रदर्शन हो रहा है।
भोपाल से इसको लेकर कई सारी तस्वीरें और वीडियो सामने आए। वहीं लखनऊ में इसको लेकर एफआईआर भी फाइल हुई है। समाज का एक वर्ग इससे खास नाराज है और अब इस लड़ाई ने कानूनी और राजनीतिक मोड़ ले लिया है। पंडत शब्द के इस्तेमाल को अपमानजनक बताया गया।
अनूप जलोटा ने दिया सुझाव
अब इस लहर में मशहूर भजन गायक अनूप जलोटा भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने फिल्म के टाइटल पर न सिर्फ आपत्ति जताई है, बल्कि मेकर्स को नया नाम सुझा दिया है।
अनूप जलोटा ने कहा है कि मेकर्स को ‘घूसखोर पंडत’ टाइटल को बदलकर ‘घूसखोर पुजारी’ कर देना चाहिए क्योंकि पुजारी कोई धर्म या जाति नहीं है, बल्कि कोई भी पूजा करने वाले व्यक्ति पुजारी हो सकता है।
जाति को नाराज करना गलत
अनूप जलोटा ने कहा, “पंडित एक जाति और धर्म से जुड़ा शब्द है। किसी जाति को घूसखोर कहना गलत है। अगर टाइटल ‘घूसखोर पुजारी’ कर दिया जाए, तो पुजारी कोई भी हो सकता है…मैं, आप या कोई और।”
उन्होंने आगे कहा कि पुजारी कोई एक समुदाय नहीं है, बल्कि जो भी पूजा करता है वही पुजारी कहलाता है। ऐसे में टाइटल बदलने से कई लोगों की नाराजगी खत्म हो सकती है और फिल्म को लेकर बनी मुश्किलें भी आसान हो जाएंगी।
बता दें कि टीजर रिलीज के बाद से कई सामाजिक और सामुदायिक संगठनों ने भी फिल्म पर आपत्ति जताई है। इन लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बढ़ते आक्रोश ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, जिसके चलते तुरंत एक्शन लेना पड़ा।





