
नई दिल्ली। ईरान ने भारत के दो तरल प्राकृतिक गैस (LPG) वाले टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
यह मार्ग दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों से एक है और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कई जहाज इस संकरे जलमार्ग से नहीं गुजर पा रहे हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि ने क्या कहा?
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि शत्रुता के बावजूद ईरान ने इस रणनीतिक जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया है।
उन्होंने कहा, जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन मौजूदा हालात और परिस्थितियों के कारण जहाज आसानी से नहीं गुजर पा रहे हैं। ईरान कभी इसे बंद नहीं करना चाहता था। कुछ जहाज अभी भी गुजर रहे हैं।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नेताओं से अमेरिका पर दबाव डालने का भी अनुरोध किया, ताकि यह संघर्ष समाप्त हो और युद्ध के कारण ऊर्जा कीमतों में आ रही तेजी को रोका जा सके।
उन्होंने कहा, जिसने यह युद्ध शुरू किया, वही इसे रोक सकता है। दुनियाभर के लोग इस युद्ध के कारण पीड़ित हैं।
दुनिया के नेताओं को एकजुट होकर अमेरिकी राष्ट्रपति पर दबाव डालना चाहिए, ताकि इस अन्यायपूर्ण युद्ध को तुरंत रोका जा सके।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस परिवहन का का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।
इस मार्ग में किसी भी व्यवधान का असर ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ता है। भारत भी इससे प्रभावित होता है, क्योंकि वह अपने कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच सरकारें और शिपिंग कंपनियां जलडमरूमध्य के आसपास के घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रही हैं।





