
मुंबई, जुलाई 2026: एचडीएफसी बैंक ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष 2025–26 के लिए अपने सशक्त वित्तीय एवं परिचालन प्रदर्शन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद बैंक ने उल्लेखनीय लचीलापन प्रदर्शित किया है। सुदृढ़ व्यवसायिक वृद्धि, अनुशासित जोखिम प्रबंधन, तीव्र डिजिटल परिवर्तन तथा उत्कृष्ट कॉर्पोरेट गवर्नेंस के बल पर बैंक ने देश के अग्रणी निजी क्षेत्र के बैंक के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार में व्यवधान तथा ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की सर्वाधिक तीव्र गति से विकसित होने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनी रही। इस अनुकूल आर्थिक परिदृश्य का लाभ उठाते हुए एचडीएफसी बैंक ने अपनी सभी प्रमुख व्यावसायिक गतिविधियों में संतुलित एवं स्वस्थ वृद्धि दर्ज की तथा अपनी पारंपरिक मजबूत परिसंपत्ति गुणवत्ता (Asset Quality) को भी बनाए रखा।
वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान बैंक की अग्रिम राशि (Advances) में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि होकर यह ₹29.37 लाख करोड़ पर पहुँच गई, जबकि जमा (Deposits) में 14.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह ₹31.05 लाख करोड़ हो गई, जो बैंकिंग प्रणाली की औसत जमा वृद्धि से अधिक रही। बैंक की शुद्ध आय (Net Revenue) बढ़कर ₹1,91,219 करोड़ हो गई तथा कर पश्चात लाभ (Profit After Tax) में 10.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए यह ₹74,671 करोड़ पर पहुँच गया। बैंक का कुल बैलेंस शीट आकार 11.6 प्रतिशत बढ़कर ₹43.65 लाख करोड़ हो गया, जो ग्राहकों के बढ़ते विश्वास और सतत व्यवसायिक विकास का प्रमाण है। निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए ₹13 प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश (Final Dividend) की अनुशंसा की है। इससे विशेष अंतरिम लाभांश सहित कुल लाभांश ₹15.50 प्रति शेयर हो जाएगा।
इस अवसर पर एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शशिधर जगदीशन ने कहा,
“भारत दीर्घकालिक विकास की एक सशक्त और स्थायी कहानी बना हुआ है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत व्यापक आर्थिक आधार, नीतिगत स्थिरता और आंतरिक मांग के बल पर उल्लेखनीय लचीलापन प्रदर्शित किया है। एचडीएफसी बैंक ने भी विवेकपूर्ण जोखिम प्रबंधन, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण तथा सतत मूल्य सृजन की अपनी प्रतिबद्धता के साथ सभी प्रमुख मानकों पर स्वस्थ विकास दर्ज किया है।”
बैंक ने एचडीएफसी लिमिटेड के साथ विलय के बाद उत्पन्न समन्वय (Merger Synergies) को भी निरंतर सुदृढ़ किया है। विलय के तीन वर्ष पूर्ण होने के बाद बैंक ने आवास वित्त (Housing Finance) क्षेत्र में अपनी नेतृत्वकारी स्थिति को और मजबूत किया है तथा बैंकिंग, बीमा, वेल्थ मैनेजमेंट एवं अन्य वित्तीय सेवाओं के व्यापक पोर्टफोलियो के माध्यम से ग्राहकों के साथ अपने संबंधों को और गहरा किया है।
वित्त वर्ष के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) एवं प्रौद्योगिकी बैंक की परिवर्तनकारी रणनीति के प्रमुख आधार रहे। बैंक ने अपने स्वदेश विकसित एंटरप्राइज एआई प्लेटफ़ॉर्म ‘नीव (Neev)’ के माध्यम से ग्राहक सेवा, रिटेल ऋण, ट्रेड ऑपरेशंस तथा आंतरिक कार्यक्षमता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एआई का व्यापक उपयोग बढ़ाया। साथ ही नई पीढ़ी के नेटबैंकिंग एवं मोबाइल बैंकिंग प्लेटफ़ॉर्म, डिजिटल भुगतान सेवाओं, PayZapp, Pixel Credit Card, SmartWealth, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर तथा गुवाहाटी स्थित नए टेक्नोलॉजी एवं डिजिटल सेंटर में किए गए निवेशों ने ग्राहक अनुभव, परिचालन दक्षता और विस्तार क्षमता को नई मजबूती प्रदान की है।
श्री जगदीशन ने आगे कहा,
“हमारी रणनीति एआई को एक अलग तकनीक के रूप में नहीं, बल्कि बैंक की प्रत्येक प्रणाली और कार्यप्रवाह का अभिन्न हिस्सा बनाने की है। प्रौद्योगिकी आज ग्राहकों को अधिक सरल, सुरक्षित और तेज़ बैंकिंग अनुभव उपलब्ध कराने के साथ-साथ हमारी उत्पादकता बढ़ाने तथा जिम्मेदार नवाचार को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।”
बैंक ने वर्ष के दौरान अपनी साइबर सुरक्षा व्यवस्था को भी और अधिक सुदृढ़ बनाया। उन्नत निगरानी प्रणालियों, एआई-सक्षम साइबर खतरा पहचान (Threat Detection), आधुनिकीकृत सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर तथा साइबर धोखाधड़ी के प्रति ग्राहकों को जागरूक करने वाले लोकप्रिय ‘विजिल आंटी’ (Vigil Aunty) अभियान के माध्यम से बैंक ने सुरक्षित एवं विश्वसनीय डिजिटल बैंकिंग वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के क्षेत्र में भी बैंक ने सर्वोच्च मानकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पूर्व अंशकालिक अध्यक्ष श्री अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद निदेशक मंडल ने त्वरित निर्णय लेते हुए श्री केकी एम. मिस्त्री को अंतरिम अंशकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया। इसके पश्चात नियामकीय एवं शेयरधारकों की स्वीकृति के अधीन श्री राजीव कुमार को अंशकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया गया। हितधारकों के विश्वास को और मजबूत करने के उद्देश्य से निदेशक मंडल ने देशी एवं अंतरराष्ट्रीय विधि विशेषज्ञों से स्वतंत्र समीक्षा कराई, जिसमें इस्तीफे में व्यक्त की गई आशंकाओं के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं पाया गया।
इस अवसर पर एचडीएफसी बैंक के अंतरिम अंशकालिक अध्यक्ष श्री केकी एम. मिस्त्री ने कहा,
“एचडीएफसी बैंक विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर दृढ़तापूर्वक आधारित है। हमारी सुदृढ़ गवर्नेंस व्यवस्था, अनुशासित निर्णय प्रक्रिया और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण हमें विकास और नवाचार के अगले चरण की ओर आत्मविश्वास के साथ अग्रसर कर रहे हैं।”
वित्त वर्ष के दौरान बैंक की प्रमुख सहायक कंपनी एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड का सफल सूचीबद्ध होना (Listing) भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही, जिसने एचडीएफसी बैंक समूह को एक विविधीकृत वित्तीय सेवा समूह के रूप में और अधिक सशक्त बनाया है।
व्यावसायिक उपलब्धियों के साथ-साथ बैंक ने अपने प्रमुख कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम ‘परिवर्तन’ के माध्यम से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी निरंतर आगे बढ़ाया है। इस पहल के अंतर्गत अब तक 10.7 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कार्यक्रम का विस्तार देश के 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के 11,000 से अधिक गांवों, जिनमें 498 सीमावर्ती गांव भी शामिल हैं, तक हो चुका है। इसके माध्यम से ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वित्तीय समावेशन एवं सतत अवसंरचना विकास को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
भविष्य की ओर देखते हुए एचडीएफसी बैंक ने भारत की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं पर गहरा विश्वास व्यक्त किया है। अनुकूल जनसांख्यिकीय संरचना, नीतिगत निरंतरता, तीव्र डिजिटल अपनाने की प्रवृत्ति तथा प्रौद्योगिकी में सतत निवेश के बल पर बैंक लाभकारी विकास, उत्कृष्ट ग्राहक अनुभव तथा सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन के अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।




