
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में आज मंगलवार को प्रश्नकाल, अहम विधेयक और कई महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश की जानी हैं। साथ ही सीएजी रिपोर्ट और फांसी घर विवाद से जुड़ा मामला भी सदन में उठाए जाने की संभावना है।
यदि ये मुद्दे सदन में आते हैं तो विपक्ष की ओर से विरोध और हंगामे की स्थिति बन सकती है। खासतौर पर प्रदूषण के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए कमर कस ली है। मंगलवार की कार्यवाही के हंगामेदार होने के आसार सियासी पंडित भी जता रहे हैं।
कार्यसूची के मुताबिक सदन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें तारांकित प्रश्नों (जिन पर मौखिक जवाब दिए जाते हैं) और अतारांकित प्रश्नों (जिनके लिखित जवाब सदन में रखे जाते हैं) पर चर्चा होगी।
इसके बाद सदस्य अध्यक्ष की अनुमति से विशेष उल्लेख के तहत जनहित से जुड़े विषय उठा सकेंगे। हालांकि, सदन की कार्यवाही नियमित कामकाज तक सीमित रहेगी या नहीं, इसे लेकर संशय बना है।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को सदन में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी की रिपोर्ट पेश की जा सकती है। यदि रिपोर्ट पेश होती है तो विपक्षी आम आदमी पार्टी की ओर से तीखे विरोध की संभावना जताई जा रही है।
सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच नोक झोंक संभव
फांसी घर विवाद से जुड़ा मामला भी सदन में उठाया जा सकता है। इस मुद्दे पर पहले से सियासी तीन एक दूसरे की ओर चलाए जा रहे हैं।
सत्ता पक्ष इन दोनों मुद्दों के जरिये पिछली सरकार में रहे विपक्ष को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी में है। राजधानी में वायु गुणवत्ता को लेकर सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल खड़े किए जा सकते हैं। ऐसे में सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
सदन में कई अहम दस्तावेज पेश होंगे
बिजली मंत्री आशीष सूद दिल्ली विद्युत नियामक आयोग से जुड़े संशोधित नियमों, वार्षिक रिपोर्ट और नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित अधिसूचनाएं सदन के पटल पर रखेंगे।
दिल्ली तकनीकी विवि और नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विवि की वार्षिक और ऑडिट रिपोर्ट भी पेश की जाएगी। विभिन्न समितियों की रिपोर्ट भी सदन में रखी जाएंगी।
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की तीसरी रिपोर्ट और विशेषाधिकार समिति की पहली रिपोर्ट पेश होने का कार्यक्रम है। इसमें फांसी घर का मामला उठना तय है।
विधायी कार्य मंत्री प्रवेश साहिब सिंह कोर्ट फीस (दिल्ली संशोधन) विधेयक 2026 को सदन में पेश करेंगे।
निर्धारित एजेंडे से सदन चलाने की चुनौती
कानून मंत्री कपिल मिश्रा गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर सदन में चर्चा करेंगे। आखिर में उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव भी लाया जाएगा।





