
तेहरान। ईरान ने कहा है कि अमेरिका उसके आंतरिक मामलों में लगातार हस्तक्षेप कर रहा है और वह न सिर्फ अशांति एवं असुरक्षा का वातावरण बना रहा है, अपितु आतंकवाद तथा हिंसा भी भड़का रहा है।
साथ ही, उसने यह भी आरोप लगाया कि ईरान में आर्थिक समस्याओं की बड़ी वजह अमेरिका द्वारा लगाए गए अवैध एवं अन्यायपूर्ण प्रतिबंध हैं। इन प्रतिबंधों के माध्यम से ईरान के खिलाफ अमेरिका ने ‘पूर्ण आर्थिक और वित्तीय युद्ध’ छेड़ रखा है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी कर ”ईरान के आंतरिक घटनाक्रमों के संबंध में अमेरिकी अधिकारियों की हस्तक्षेपकारी और भ्रामक टिप्पणियों” की निंदा की और उन्हें ”ईरान जैसे महान राष्ट्र के प्रति वाशिंगटन की शत्रुता की निरंतरता का स्पष्ट संकेत” बताया।
अपने रुख को स्पष्ट करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा, ”इस तरह के रुख ईरानी लोगों के प्रति चिंता से प्रेरित होकर नहीं अपनाए जा रहे हैं, बल्कि ये ईरान के आंतरिक मामलों में अधिकतम दबाव, धमकियों और अमेरिकी हस्तक्षेप की नीति के अनुरूप हैं। इसका उद्देश्य हिंसा और आतंकवाद को भड़काना और ईरान में अशांति और असुरक्षा पैदा करना है।”
घरेलू स्थितियों के बारे में मंत्रालय ने कहा, ”ईरान के संविधान में निहित सिद्धांतों के अनुसार, इस्लामी गणराज्य शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को मान्यता देता है और कानून के दायरे में लोगों की वैध मांगों को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ता है।”
इस संदर्भ में बयान में कहा गया है कि ”विदेश मंत्रालय आर्थिक कठिनाइयों को कम करने के लिए आवश्यक उपाय अपनाने के महत्व पर जोर देता है।
ये समस्याएं अमेरिका द्वारा अवैध और अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों के माध्यम से ईरानी राष्ट्र के खिलाफ छेड़े गए पूर्ण आर्थिक और वित्तीय युद्ध से उत्पन्न हुई हैं।”
हिंसा में अब तक 39 लोगों की मौत, 2200 हिरासत में
ईरान में आर्थिक संकट के कारण शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल गए हैं जो देश की धर्मतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देते हुए प्रतीत हो रहे हैं।
बुधवार को कई स्थानों पर सबसे उग्र प्रदर्शन देखने को मिला, जो लगभग हर प्रांत के ग्रामीण कस्बों और प्रमुख शहरों तक फैल गया।
हालांकि, राजधानी तेहरान और अन्य जगहों पर दैनिक जीवन सुचारु रूप से चलता रहा। प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 39 लोग मारे गए हैं।
निर्वासित प्रिंस रजा के आह्वान पर भड़का विरोध, इंटरनेट सेवा ठप
निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के आह्वान पर ईरान की राजधानी तेहरान में गुरुवार रात लोगों ने घरों से निकलकर सड़कों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन शुरू होते ही ईरान में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं तुरंत ठप कर दी गईं।
यह विरोध इस बात का पहला परीक्षण था कि क्या ईरानी जनता क्राउन प्रिंस प्रतिक्रिया दे सकती है? रजा के बीमार पिता ने 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले ईरान छोड़ दिया था। प्रदर्शनों में शाह के समर्थन में नारेबाजी हुई।
गुरुवार को उन प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहा जो बुधवार को ईरान के शहरों और ग्रामीण इलाकों में उभरे थे। बाजार प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बंद हो गए।





