
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में ‘तार्किक विसंगति’ श्रेणी को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करने से सोमवार को इनकार कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने याचिकाकर्ता के अनुच्छेद-32 के तहत शीर्ष न्यायालय का रुख करने पर सवाल भी उठाया।
निर्वाचन आयोग के पास जाइए
पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा,’आप चाहते हैं कि हम अनुच्छेद-32 के तहत दायर याचिका पर विचार कर यह तय करें कि आपके पिता, आपकी माता और आपका भाई कौन है? निर्वाचन आयोग के पास जाइए।’
ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट मोहम्मद जिमफरहाद नवाज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें यह निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया था कि बंगाल में एसआइआर में शामिल तार्किक विसंगति (लाजिकल डिस्कि्रपेंसी) श्रेणी संविधान के अनुच्छेद 14 और 324 के प्रविधानों के खिलाफ है।
याचिकाकर्ता ने तार्किक विसंगति श्रेणी के तहत निर्वाचन आयोग की ओर से उसे जारी किए गए नोटिस को भी चुनौती दी थी।





