यूपी के इस गांव में पलायन की खबर से हड़कंप; पुलिस-प्रशासन की दौड़, जानें पूरा विवाद

बिशारतगंज (बरेली)। बरेली के बिशारतगंज क्षेत्र के मुहम्मदगंज गांव में सामूहिक नमाज पढ़ने को लेकर चला आ रहा विवाद फिर से गरमा गया।

इंटरनेट मीडिया पर गांव कई वीडियो प्रसारित हुए जिसमें गांव के हिंदू परिवारों ने अपने घर के आगे ‘बिकाऊ है’ के पोस्टर चस्पा किए या फिर पेंट से लिखा हुआ है। अफवाह फैली कि लोग पलायन कर रहे हैं।

वीडियो प्रसारित होते ही पुलिस-प्रशासन की टीम हरकत में आई और लोगों से बातचीत की। कुछ देर बाद ही लोगों ने कहा कि वह अपने घर नहीं बेचेंगे इंटरनेट मीडिया पर जो सूचनाएं चल रही हैं वह भ्रामक हैं। लोगों का कहना था कि उन्हें बरगलाया गया था। यह गांव उनका है और वह यहीं रहेंगे।

क्या है मामला?

बता दें कि बीते 21 दिसंबर को गांव के हिंदुओं ने शिकायत की थी कि, उनके गांव में अवैध रूप से मदरसे का निर्माण किया जा रहा है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वहां पर निजी मकान बन रहा था।

इसके बाद 16 जनवरी को फिर से सामूहिक नमाज को लेकर गांव ने गहमा-गहमी हुई तो पुलिस ने मुस्लिम संप्रदाय के 15 लोगों के विरुद्ध शांति भंग की कार्रवाई कर दी।

अफवाह फैली कि पुलिस ने सभी के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर ली और फिर मुस्लिम संप्रदाय के लोग हाईकोर्ट चले गए, जबकि कोई भी प्राथमिकी पंजीकृत नहीं की गई है।

आरोप है कि शनिवार को फिर से मुस्लिम संपद्राय के लोगों ने अतिशबाजी करते हुए कहा कि कोर्ट से परमीशन मिल गई है, जबकि कोर्ट में सुनवाई मार्च में होनी हैं।

इसी बात पर फिर से मामला गरमा गया और हिंदुओं ने अपने घरों पर बिकाऊ है कि पोस्टर चस्पा कर दिए। कुछ लोगों ने उसकी वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित की तो मामले में तूल पकड़ लिया।

सूचना पर पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम ने दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत की और समझया। शाम के समय हिंदू पक्ष के लोगों के फिर से इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित हुए कि वह कहीं भी नहीं जाएंगे। यह उनका घर है और यहीं पर रहेंगे।

लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि उन्हें बरगलाया गया है। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस ने फोर्स तैनात कर दी है।

एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया पलायन जैसी कोई स्थिति नहीं हैं, सीओ और एसडीएम दोनों की ज्वाइंट टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। लोगों से बातचीत भी की गई है। शांति व्यवस्था बनी हुई है।

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