
नई दिल्ली। देश के पूर्व न्यायाधीशों और राजनयिकों सहित 277 प्रख्यात हस्तियों ने पिछले हफ्ते ‘एआई इंपैक्ट समिट’ में युवा कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शनों की मंगलवार को निंदा की।
उन्होंने इस विरोध-प्रदर्शन को अक्षम्य तमाशा करार देते हुए आरोप लगाया कि यह असहमति की सहज अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि नुकसान पहुंचाने का सोचा-समझा कृत्य था।
इन हस्तियों ने एक संयुक्त बयान में भारतीय युवा कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन को वैश्विक निवेशकों और साझेदारों को अस्थिरता का संकेत देने के लिए पैदा किया गया राष्ट्र-विरोधी व्यवधान करार दिया।
उन्होंने मातृभूमि के सार्वजनिक अपमान में गर्व महसूस करने वाली राजनीतिक संस्कृति को सामूहिक रूप से अस्वीकार करने का आह्वान किया।
उन्होंने बयान में कहा है, भारत मंडपम में भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों की कमीज उतारकर विरोध-प्रदर्शन करने की हालिया अक्षम्य घटना राष्ट्रीय गरिमा का घोर अपमान है।
बयान के मुताबिक, ‘जागरूक नागरिक होने के नाते हम राष्ट्रीय महत्व के इस अवसर को दलगत तमाशे के लिए इस्तेमाल करने के प्रयास की कड़ी निंदा करते हैं।
देशभक्ति के मामले में राजनीति नहीं की जानी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मंच किसी भी राजनीतिक दल के अशोभनीय आंतरिक झगड़ों के लिए वर्जित होने चाहिए। ऐसे कृत्यों से किसी सरकार को नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र को चोट पहुंची है।’
संयुक्त बयान पर दस्तखत करने वालों में दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीसी पटेल सहित 26 पूर्व न्यायाधीश, विभिन्न राज्यों के पूर्व पुलिस प्रमुख समेत 102 सेवानिवृत्त ब्यूरोक्रेट, 11 पूर्व राजदूत और 149 सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी शामिल हैं।
गौरतलब है कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने शुक्रवार को शिखर सम्मेलन स्थल के अंदर कमीज उतारकर और सरकार व भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के विरुद्ध लिखे नारे वाली टी-शर्ट हाथ में लेकर विरोध-प्रदर्शन किया था।





