नवसंवत्सर समारोह में शामिल होने अयोध्या आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, रामजन्मभूमि परिसर में बिताएंगी 4 घंटे

अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में वर्ष प्रतिपदा के दिन आयोजित होने वाले नवसंवत्सर समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आगमन निश्चित हो गया है। उनके कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय कर ली गई है।

राष्ट्रपति भवन ने सहमति देने के पश्चात श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से राष्ट्रपति का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम मांगा है।

ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय की ओर से शीघ्र ही इसे भेज दिया जाएगा। वहां से रूपरेखा फाइनल हो जाने के पश्चात उसी अनुरूप तैयारी पूरी की जाएगी। राष्ट्रपति रामजन्मभूमि परिसर में साढ़े तीन से चार घंटे तक रहेंगी।

मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष व ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्र ने तीसरे दिन की समीक्षा बैठक से पूर्व रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि मंदिरों का निर्माण लगभग पूर्ण हो गया है।

अब ट्रस्ट की प्राथमिकता में ऑडिटोरियम, विश्राम गृह, ट्रस्ट कार्यालय व चहारदीवारी का निर्माण है। यह कार्य गतिशील है और इनकी समयावधि भी तय है।

मिश्र ने कहा कि 15 मई तक परिसर से मुख्य कार्यदायी एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) व टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (टीसीई) का कार्य खत्म हो जाएगा और इनकी वापसी हो जाएगी।

समिति के अध्यक्ष ने कहा कि पांच वर्ष के लंबे सफर के साथी रहे एजेंसियों के कर्मयोगियों को नवसंवत्सर समारोह में बुलाया गया है। उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

तीसरे दिन की बैठक में समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रामकथा संग्रहालय की गैलरियों में प्रदर्शन के लिए तकनीक पर विचार-विमर्श किया और प्रोजेक्टर के माध्यम से वीथिकाओं की पटकथा का अवलोकन किया। मिश्र ने बताया कि गैलरियों की स्क्रिप्टिंग का कार्य पहले ही पूरा हो गया।

ट्रस्ट 19 को नहीं बनाएगा दर्शन पास

वर्ष प्रतिपदा के दिन 19 मार्च को रामजन्मभूमि परिसर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन व दर्शन-पूजन के कार्यक्रम के कारण ट्रस्ट ने सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक कोई भी दर्शन पास नहीं जारी करने का निर्णय लिया है।

कहा गया है कि यदि पहले से उस दिन के पास बन भी गए हैं तो उसे निरस्त माना जाएगा। हालांकि रामलला की तीनों आरतियों मंगला, श्रृंगार व शयन के पास जारी किए जाएंगे।

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