
वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में एक महीने से ज्यादा समय से जारी संघर्ष के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक बड़ी रणनीति सामने आई है। जारी हमलों के बीच अब ट्रंप प्रशासन होर्मुज की खाड़ी पर अपना नियंत्रण वापस लेने की तैयारी कर रहा है।
इस बात की जानकारी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दी। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में बेसेंट ने कहा कि जल्द ही या तो अमेरिकी जहाजों या कई देशों के संयुक्त जहाजों के जरिए अमेरिका का नियंत्रण होर्मुज जलडमरूमध्य पर होगा।
बेसेंट ने आगे बताया कि फिलहाल कुछ देश ईरान के साथ समझौते करके अपने जहाजों को जलडमरूमध्य पार करा रहे हैं। लेकिन समय के साथ अमेरिका इसे पूरी तरह नियंत्रित करेगा और वहां जहाजों को सुरक्षित रूप से गुजरने की स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि बाजार में तेल की आपूर्ति अच्छी है और रोजाना कई जहाज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं लेकिन अंततः अमेरिका इस रास्ते पर फिर से नियंत्रण स्थापित करेगा।
होर्मुज को लेकर वैश्विक चिंताएं
बेसेंट का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक चिंता सातवें आसमान पर पहुंच गई है।
इसका कारण है कि होर्मुज दुनिया के तेल प्रवाह का एक अहम मार्ग है और यह लगभग विश्व के एक पांचवें हिस्से के तेल के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यह योजना वैश्विक समुद्री और तेल बाजारों पर बड़े पैमाने पर असर डाल सकती है।
रुबियो बोले- ईरान की नौसेना और मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट कर रहे
दूसरी ओर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एबीसी न्यूज को बताया कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना और रक्षा उद्योग को महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान को हमेशा के लिए खाड़ी पर कब्जा करने की अनुमति नहीं देंगे और अमेरिका अपने उद्देश्यों को कुछ ही हफ्तों में हासिल कर लेगा।
रूबियो ने कहा कि हम ईरान की नौसेना और मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट कर रहे हैं और उनके रक्षा उद्योग को भी कमजोर कर रहे हैं, ताकि वे भविष्य में नए मिसाइल या ड्रोन न बना सकें।
ईरान की धमकियों पर बिफरे रुबियो
रुबियो ने खाड़ी के नियंत्रण पर ईरान की धमकियों पर भी चेतावनी दी। रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास कई विकल्प मौजूद हैं और अगर ईरान खाड़ी पर कब्जा करने की कोशिश करेगा, तो अमेरिका उसे रोकने के लिए कार्रवाई करेगा। हालांकि ईरान ने अमेरिकी दावों को खारिज किया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बगहेई ने कहा कि अमेरिका की बातचीत और कूटनीति की बातें विश्वसनीय नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका बार-बार अपनी स्थिति बदलता रहा है, जबकि ईरान ने हमेशा स्पष्ट रुख अपनाया है।
पाकिस्तान की बातचीत बैठक से ईरान ने बनाई दूरी
ईरान ने हाल ही में पाकिस्तान के शाहीबाज शरीफ द्वारा आयोजित चार देशों की बैठक में हिस्सा भी नहीं लिया। इन घटनाओं के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ और हॉर्मुज की खाड़ी खुली नहीं तो अमेरिका ईरान के बिजली प्लांट, तेल कुओं और खार्ग द्वीप को नष्ट कर देगा।
गौरतलब है कि ये बयानबाजी और धमकियों की घटनाएं ऐसे समय पर सामने आई हैं जब अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है। अमेरिका का उद्देश्य है कि खाड़ी में जहाजों का पारगमन सुरक्षित रहे और ईरान की पकड़ कमजोर हो।





